Weather Update: उत्तर भारत में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ली. दिल्लीNCR समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं के कारण दिन के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. 29 अक्टूबर यानी गुरुवार का दिन दिल्ली में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन रहा, जबकि हरियाणा के करनाल में अधिकतम तापमान सामान्य से 9 डिग्री नीचे पहुंच गया. मौसम में इस बदलाव के पीछे कमजोर पड़ रहे चक्रवात अर्नब का असर बताया जा रहा है. IMD ने अगले दो दिनों तक दिल्लीNCR, उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश, गरजचमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है.

दिल्ली में सामान्य से 5.6 डिग्री नीचे पहुंचा तापमान
दिल्ली में गुरुवार सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे. पिछले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में रुकरुककर बारिश हुई. इसके चलते अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई. सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 5.6 डिग्री कम है. यह पिछले चार वर्षों में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन रहा.
मौसम विभाग ने दिल्लीNCR में अगले दो दिनों तक गरजचमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है. विभाग ने अलगअलग इलाकों में मौसम की गंभीरता के अनुसार रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं. बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन तापमान में आई गिरावट से मौसम में ठंडक भी बढ़ गई है.
हरियाणा में 9 डिग्री तक गिरा तापमान
हरियाणा में भी बारिश के कारण दिन का तापमान तेजी से नीचे आया. करनाल में अधिकतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 9 डिग्री कम है. अंबाला में अधिकतम तापमान 23.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 6 डिग्री नीचे है. नारनौल में अधिकतम तापमान 25.5 डिग्री, रोहतक में 24.6 डिग्री और भिवानी में 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पंजाब में पटियाला का अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से 3 डिग्री कम है. हालांकि, राज्य के कुछ दूसरे शहरों में तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहा. लुधियाना में 30.4, अमृतसर में 30.6, पठानकोट में 29, बठिंडा में 31 और फरीदकोट में 34.9 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया.
उत्तर प्रदेश में 8 डिग्री तक गिर सकता है पारा
उत्तर प्रदेश में भी मौसम बदला है. लखनऊ स्थित मौसम विभाग के अनुसार, 3031 अक्टूबर को राज्य के अधिकतम तापमान में करीब 5 से 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है. लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, सुल्तानपुर और अमेठी समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और गरजचमक की चेतावनी जारी की गई है. शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी आशंका है. मौसम विभाग के मुताबिक, इसके बाद बारिश की गतिविधियां धीरेधीरे कम हो सकती हैं. तापमान में गिरावट से लोगों को ठंड का अहसास बढ़ने की संभावना है.
राजस्थान में ओलावृष्टि और भारी बारिश का अनुमान
राजस्थान में नए पश्चिमी विक्षोभ और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से मौसम में बदलाव आया है. पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी हिस्सों में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि के साथ मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है. अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है.
हिमाचल में बिजली गिरने का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई. शिमला, जुब्बड़हट्टी, सुंदरनगर, कांगड़ा, मुरारी देवी और पालमपुर में गरजचमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं सामने आईं. मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है. दूसरी ओर, जनजातीय जिले लाहौलस्पीति के कुकुमसेरी में रात का न्यूनतम तापमान माइनस 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इससे पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं.
झारखंड और बंगाल में भी बारिश, कई जिलों में स्कूल बंद
चक्रवात के प्रभाव से झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भी बारिश हुई. झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के गुड़ाबांदा में बुधवार शाम से सबसे अधिक 71.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. पश्चिमी सिंहभूम के मझारी में 64 मिलीमीटर, चाईबासा में 60 मिलीमीटर और रांची में 26.2 मिलीमीटर बारिश हुई. खराब मौसम को देखते हुए रांची, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा समेत कई जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए. पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं.
ओडिशा में बाढ़ से 300 गांव प्रभावित
चक्रवात अर्नब बुधवार को आंध्र प्रदेश और यानम तट से टकराया था. इसके बाद यह कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल गया. मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिणी ओडिशा के ऊपर बना मौसम तंत्र भी कमजोर हुआ है. इसके आगे बढ़ने और स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना जताई गई है.
चक्रवात के असर से ओडिशा के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है. भारतीय तटरक्षक बल ने गंजाम जिले में फंसे लोगों को हवाई मार्ग से निकालना शुरू कर दिया है. राज्य सरकार ने दो जिलों में राहत और बचाव कार्यों के लिए विभिन्न आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों की 79 टीमें तैनात की हैं.
ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग के मुताबिक, गंजाम जिले के करीब 300 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. राज्य सरकार फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ समन्वय कर रही है. चक्रवात कमजोर जरूर पड़ गया है, लेकिन कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और बाढ़ के कारण जनजीवन प्रभावित है. ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को अलर्ट रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है.



