Ram Mandir Trust Meeting: अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज सोमवार 7 जुलाई को एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी हेराफेरी के मामले की जांच जारी है। दोपहर 3 बजे ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के मठ मणिराम छावनी में बैठक आयोजित होगी। बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला लेना होगा। दान चोरी के मामले में नाम सामने आने के बाद दोनों ने अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिया था। यदि ट्रस्ट उनके इस्तीफे स्वीकार करता है, तो नए प्रशासनिक ढांचे और जिम्मेदारियों के बंटवारे पर भी चर्चा की जाएगी।

सभी 14 ट्रस्टियों को भेजा गया निमंत्रण
ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने बताया कि बैठक में शामिल होने के लिए सभी 14 ट्रस्टियों को निमंत्रण भेजा गया है और उम्मीद है कि सभी सदस्य इसमें शामिल होंगे।
बैठक में ये बड़े सदस्य रह सकते हैं मौजूद
बैठक में पदेन सदस्यों के रूप में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रशांत लोखंडे, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय प्रसाद, अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा शामिल हो सकते हैं। वहीं, वरिष्ठ ट्रस्टी के. परासरन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़ सकते हैं।
SIT जांच और वित्तीय रिपोर्ट पर भी होगी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में चढ़ावे से जुड़ी कथित हेराफेरी की जांच कर रही एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा राम मंदिर ट्रस्ट के भविष्य के प्रबंधन, प्रशासनिक व्यवस्था और 202526 वित्तीय वर्ष की बिना ऑडिट वाली आयव्यय रिपोर्ट, बैलेंस शीट और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
नए CEO की नियुक्ति पर भी बन सकती है सहमति
बैठक में राम मंदिर के प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा। ट्रस्ट में फिलहाल 11 नियमित सदस्य हैं। चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे तथा बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद ट्रस्ट में उपाध्यक्ष का पद भी खाली है।
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जांच जारी, लेकिन किसी पर FIR नहीं
दान हेराफेरी के कथित मामले में फिलहाल एसआईटी और पुलिस समानांतर जांच कर रही हैं। जांच के दौरान चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि, अब तक इस मामले में किसी भी ट्रस्ट सदस्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। आज की यह बैठक न सिर्फ ट्रस्ट के प्रशासनिक भविष्य, बल्कि राम मंदिर के प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर भी काफी अहम मानी जा रही है।
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