
ग्वालियर। डबरा के पतरिया पुरा गांव में सोमवार को झूठी शान के लिए बेटी की हत्या का मामला सामने आया। कर्नाटक के विजयपुर स्थित एक माल में नौकरी करने वाली 21 वर्षीय अनु उर्फ नंदनी यादव की उसके पिता भगवान सिंह यादव और चाचा संतोष सिंह यादव ने कथित तौर पर हत्या कर दी। परिवार नंदनी के बाहर जाकर नौकरी करने और बॉयकट बाल रखने से नाराज था।
रक्षाबंधन पर घर आई थी नंदनी
आरोप है कि दोनों ने पहले नंदनी की 17 वर्षीय छोटी बहन और उसके मुंहबोले भाई मनमोहन पांडे के साथ मारपीट की। इसके बाद नंदनी को डंडे से पीटा। उसका सिर दीवार पर पटका और साफी से गला दबाकर हत्या कर दी। नंदनी रक्षाबंधन पर कर्नाटक से अपने गांव आई थी।
मारपीट से छोटी बहन हुई बेहोश
पुलिस के मुताबिक, सोमवार दोपहर भगवान सिंह और संतोष घर पहुंचे। दोनों ने सबसे पहले नंदनी की 17 वर्षीय छोटी बहन के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उसे घसीट-घसीटकर पीटा गया और गला दबाने की कोशिश की गई। मां ने बीच-बचाव कर बेटी को बचाया। मारपीट के बाद नाबालिग करीब 30 से 40 मिनट तक बेहोश रही।
नंदनी को बेरहमी से पीटा, साफे से गला घोंटा
इसके बाद दोनों ने मनमोहन के साथ मारपीट की। फिर नंदनी को निशाना बनाया गया। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, सिर पर डंडे से कई वार किए और दीवार पर सिर पटका। इसके बाद साफे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों आरोपित मौके से फरार हो गए।
मां को कमरे में बंद किया
वारदात के दौरान नंदनी की मां ने जब विरोध किया तो आरोप है कि उसे भी कमरे में बंद कर पीटा गया। सूचना मिलते ही पिछोर थाना प्रभारी शिवम सिंह राजावत पुलिस बल के साथ पतरिया पुरा पहुंचे। नंदनी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
एसडीओपी सौरभ कुमार के अनुसार, प्रथमदृष्टया मामला झूठी शान के लिए हत्या का है। पुलिस ने मुख्य आरोपित भगवान सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चाचा संतोष सिंह यादव की तलाश की जा रही है।



