
हरदोई, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में घरेलू विवाद के बाद एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी और फिर खुद भी आत्महत्या कर ली। घटना पाली थाना क्षेत्र के कछलियनपुरवा गांव की है। आरोप है कि 52 वर्षीय राजमिस्त्री लालपूत राठौर ने अपनी 50 वर्षीय पत्नी जनुका के पेट पर चाकू से कई वार किए और ईंट से उनके चेहरे पर हमला किया। इसके बाद उसने घर के दूसरे कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी।
इस दर्दनाक घटना का पता तब चला, जब दंपती का 9 वर्षीय बेटा पुष्पेंद्र खेलकर घर लौटा। उसने बरामदे में मां का शव पड़ा देखा और कमरे में पिता को फंदे से लटका पाया। बच्चे की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
काम से लौटने के बाद पत्नी से हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, लालपूत राठौर शनिवार को रोज की तरह राजमिस्त्री का काम करने गए थे। शाम करीब 4:30 बजे वह घर लौटे तो बरामदे में चारपाई पर बैठी पत्नी जनुका से किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।
बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर लालपूत ने पास रखे चाकू से पत्नी के पेट पर कई वार कर दिए। इसके बाद ईंट से उनके चेहरे पर हमला किया। गंभीर चोटों के कारण जनुका की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद लालपूत घर के पीछे बने कमरे में गया और वहां फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली।
9 साल के बेटे के सामने आया परिवार का उजड़ा मंजर
घटना के समय घर में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था। कुछ देर बाद जब छोटा बेटा पुष्पेंद्र खेलकर लौटा तो उसने मां को बरामदे में खून से लथपथ पड़ा देखा। इसके बाद कमरे में पिता का शव फंदे से लटका मिला।
बच्चे की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण घर के बाहर जमा हो गए। घर के अंदर का दृश्य देखकर लोग भी स्तब्ध रह गए। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
करवा चौथ की रात भी हुआ था पति-पत्नी में विवाद
पुलिस की शुरुआती जांच और ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक, करवा चौथ की रात भी पति-पत्नी के बीच पूजा का सामान लाने को लेकर विवाद हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों एक-दूसरे के चरित्र पर शक करते थे और इसी वजह से घर में अक्सर झगड़े होते रहते थे।
बताया गया कि लगातार विवाद के चलते परिवार करीब 15 दिन पहले पुराने मकान को छोड़कर गांव के बाहरी हिस्से में बने दूसरे घर में रहने लगा था। हालांकि, हत्या और आत्महत्या की वास्तविक वजह की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
दंपती के छह बेटे और दो बेटियां
लालपूत और जनुका के कुल आठ बच्चे हैं, जिनमें छह बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। इनमें से 18 वर्षीय अर्जुन और 9 वर्षीय पुष्पेंद्र गांव में माता-पिता के साथ रहते थे। बाकी छह बच्चे पानीपत और दिल्ली में रहकर काम करते हैं।
शराब की लत के पहलू पर भी जांच
घटना की सूचना मिलने पर सीओ शाहाबाद संतोष कुमार सिंह और पाली थाना प्रभारी विजय कुमार मिश्रा पुलिस बल तथा फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए।
सीओ संतोष सिंह के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में लालपूत के शराब पीने का आदी होने की जानकारी भी मिली है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना के समय वह नशे में था या नहीं। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस की शुरुआती जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। घटना के कारणों और परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद होगी।



