
झांसी: सरकारी दस्तावेजों में किसी जीवित व्यक्ति को मृत दर्ज कर दिया जाए, तो उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से ऐसा ही एक मामला सामने आया है। मऊरानीपुर तहसील क्षेत्र के धौरा गांव की रहने वाली राजाबाई का आरोप है कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत दिखा दिया गया, जिसके बाद उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई। अपनी समस्या से परेशान महिला 7 अक्टूबर 2026 को खुद एसडीएम कार्यालय पहुंचीं और अधिकारियों के सामने अपनी फरियाद रखी।
पेंशन बंद हुई तो सामने आई रिकॉर्ड की गड़बड़ी
राजाबाई के मुताबिक, उन्हें वृद्धावस्था पेंशन की तीन किस्तें मिल चुकी थीं। इसके बाद अचानक पेंशन आनी बंद हो गई। जब उन्होंने इसकी वजह जानने की कोशिश की, तो पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्ज किया गया है।
महिला का कहना है कि वह जीवित हैं और पेंशन उनके रोजमर्रा के खर्चों का प्रमुख सहारा थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने और उम्र अधिक होने के कारण उनके लिए काम करके गुजारा करना भी आसान नहीं है। ऐसे में पेंशन बंद होने से उनकी मुश्किलें बढ़ गईं।
एसडीएम कार्यालय पहुंचकर लगाई गुहार
अपनी समस्या लेकर कार्यालय पहुंचीं राजाबाई ने अधिकारियों को बताया कि वह जीवित हैं, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत दिखाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि रिकॉर्ड में उनकी स्थिति को जल्द ठीक किया जाए और वृद्धावस्था पेंशन दोबारा शुरू कराई जाए।
महिला ने आरोप लगाया कि उन्हें मृत दर्ज करने से पहले सही तरीके से जांच नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की पुष्टि करते, तो यह स्पष्ट हो जाता कि वह जीवित हैं।
हालांकि, रिकॉर्ड में यह गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसके पीछे क्या कारण था, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
एसडीएम ने जांच के लिए समाज कल्याण विभाग को लिखा पत्र
मामले पर मऊरानीपुर के एसडीएम मनोज कुमार भारती ने बताया कि 7 अक्टूबर को धौरा गांव की राजाबाई अपनी शिकायत लेकर कार्यालय आई थीं। महिला ने वृद्धावस्था पेंशन बंद होने और सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज किए जाने की समस्या बताई।
एसडीएम के अनुसार, शिकायत को लेकर समाज कल्याण विभाग को पत्र भेजा गया है। मामले की जांच कराई जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
राजाबाई की शिकायत ने सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जानकारियों की सटीकता और पेंशन जैसी जरूरी योजनाओं के लाभार्थियों के सत्यापन पर सवाल खड़े किए हैं। वृद्धावस्था पेंशन कई बुजुर्गों के लिए आर्थिक सहारा होती है। ऐसे में रिकॉर्ड संबंधी गलती के कारण लाभ रुकने पर उन्हें परेशानी उठानी पड़ सकती है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच की बात कही गई है। अब यह देखना होगा कि रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी कैसे हुई, उसे कब तक सुधारा जाता है और राजाबाई की रुकी हुई पेंशन दोबारा कब शुरू होती है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट और संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है। सरकारी रिकॉर्ड में गड़बड़ी के कारणों और जिम्मेदारी की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।



