
करनाल, हरियाणा: इंद्री क्षेत्र के गांव रिंडल में करीब साढ़े दस किले जमीन को लेकर चल रहा पुराना विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। खेत में खड़ी धान की फसल काटने का विरोध करने पर हुए हमले में घायल 65 वर्षीय सेवानिवृत्त बीएसएनएल कर्मचारी रामेश्वर की इलाज के दौरान मौत हो गई। उनका बेटा ओमदत्त भी हमले में गंभीर रूप से घायल हुआ है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
कार को घेरकर किया गया हमला
परिजनों के मुताबिक, 11 अक्टूबर को हुए हमले के दौरान रामेश्वर और उनके बेटे की कार पर 15 से 20 नकाबपोश लोगों ने हमला किया। आरोप है कि हमलावरों के पास कुल्हाड़ी और अन्य हथियार थे। उन्होंने कार को घेरकर उस पर वार किए।
परिवार के लोगों का दावा है कि कार में मौजूद लोगों ने घटना की रिकॉर्डिंग भी की थी। हमले में घायल रामेश्वर को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार को उनकी मौत हो गई। उनके बेटे ओमदत्त की हालत गंभीर बताई गई है।
वर्ष 2009 से चल रहा था जमीन का विवाद
गांव रिंडल निवासी सोनू के अनुसार, रामेश्वर करीब पांच साल पहले बीएसएनएल में क्लर्क के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। परिवार का गांव के ही बलविंदर और सुरिंदर के साथ साढ़े दस किले जमीन को लेकर वर्ष 2009 से विवाद चल रहा था। यह मामला अदालत में विचाराधीन है।
परिजनों का कहना है कि विवादित जमीन पर फिलहाल रामेश्वर के परिवार का कब्जा था और खेत में धान की फसल बोई गई थी। फसल काटने के दौरान विरोध हुआ, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई और हमला कर दिया गया।
दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
डीएसपी नायब सिंह के मुताबिक, पुलिस को 12 अक्टूबर को शिकायत मिली थी। इसके आधार पर आठ आरोपियों को नामजद किया गया था। इनमें से दो को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रामेश्वर की मौत के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ दी है। अब जांच में हमले की परिस्थितियों, आरोपियों की भूमिका और जमीन विवाद से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
जमीन के पुराने विवाद में एक व्यक्ति की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने से गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
Satya Report नोट: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस के बयानों पर आधारित है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और उनकी भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।



