
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक गर्भवती महिला ने अपने पति और ससुराल वालों पर मारपीट, प्रताड़ना और तीन तलाक देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि दो बेटियों को जन्म देने के कारण उसे लगातार ताने दिए जाते थे। आरोप है कि तीसरी बार गर्भवती होने के दौरान उसके साथ मारपीट की गई और गला घोंटने की कोशिश भी हुई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दो बेटियों के जन्म के बाद प्रताड़ित करने का आरोप
शिकायतकर्ता हिना मुरादाबाद के भैंसिया गांव की रहने वाली हैं। उनकी शादी रामपुर जिले के टांडा क्षेत्र के चक जिम गांव निवासी रफी हसन से हुई थी। हिना के मुताबिक, शादी के बाद उन्होंने दो बेटियों को जन्म दिया। इसके बाद से ही पति और ससुराल के अन्य सदस्य कथित तौर पर उन्हें ताने देने लगे।
महिला का आरोप है कि बेटियों के जन्म को लेकर उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। साथ ही, ससुराल के लोगों की ओर से पति का दूसरा निकाह कराने की धमकी भी दी जाती थी।
गर्भवती महिला के साथ मारपीट का आरोप
हिना ने अपनी शिकायत में बताया कि 15 सितंबर की रात करीब आठ बजे उनके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि इस दौरान दुपट्टे से उनका गला घोंटने की कोशिश भी की गई। महिला के अनुसार, उस समय वह गर्भवती थीं और ससुराल में उन्हें गंभीर धमकियों का सामना करना पड़ा।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि ससुराल वालों ने धमकी दी थी कि यदि इस बार भी बेटी पैदा हुई तो उन्हें जिंदा नहीं छोड़ा जाएगा। हिना फिलहाल आठ महीने की गर्भवती बताई गई हैं। इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पिता और भाई पहुंचे तो तीन तलाक देने का आरोप
महिला के मुताबिक, अगले दिन उनके पिता और भाई ससुराल पहुंचे। इसी दौरान पति ने कथित तौर पर उन्हें तीन तलाक दे दिया। इसके बाद हिना को उनकी दोनों बेटियों के साथ घर से निकाल दिया गया।
घटना के बाद महिला ने पुलिस से शिकायत कर अपने और अपनी बच्चियों की सुरक्षा तथा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पति समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
पुलिस के अनुसार, हिना की शिकायत के आधार पर पति रफी हसन सहित इकबाल, मुख्तरी, भूरी, अशफाक, बिलाल, फुरकान और खदीजा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
फिलहाल, पुलिस की जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। मामले में आरोपितों का पक्ष और जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट और पुलिस में दर्ज शिकायत पर आधारित है। इसमें बताए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।



