तमिलनाडु के कैबिनेट मंत्री और TVK के महासचिव आधव अर्जुन ने गुरुवार को DMK नेता उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म पर किए गए विवादित बयानों को लेकर सतर्क रुख अपनाया. उन्होंने दावा किया कि स्टालिन को इस विषय की सही समझ नहीं है. मीडिया से बात करते हुए, अर्जुन ने समाज के धर्मनिरपेक्ष पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी धर्मों के लोगों के साथ समान सम्मान और बराबरी का व्यवहार करती है.

हालांकि, TVK नेता ने ये भी बताया कि तमिलनाडु की राजनीतिक नींव हमेशा से ही समानता के सिद्धांत पर आधारित रही है. एक स्पष्ट क्षेत्रीय अंतर बताते हुए, उन्होंने दावा किया कि जहां उत्तरी भारत में सनातन धर्म का मतलब हिंदू धर्म ही है, वहीं तमिलनाडु के सामाजिकराजनीतिक संदर्भ में इसे अक्सर ‘असमानता’ से जोड़कर देखा जाता है. आधव अर्जुन ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन को इस मुद्दे पर अपने रुख के बारे में और ज्यादा स्पष्टता देनी चाहिए.
‘स्टालिन को पता ही नहीं है कि सनातन धर्म क्या’
आधव ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन को पता ही नहीं है कि सनातन धर्म क्या है. हिंदू, मुसलमान और ईसाई, हम हमेशा सबके साथ एक जैसा बर्ताव करते हैं. निजी तौर पर, मेरा भगवान में कोई विश्वास नहीं है, लेकिन एक मंत्री के तौर पर, मुझे सबका सम्मान करना पड़ता है. हम हिंदुओं के खिलाफ नहीं हैं, हम हिंदुत्व के खिलाफ हैं. हिंदुत्व का मतलब है किसी एक धर्म को जबरदस्ती थोपना. बेशक, हमें सबके साथ एक जैसा बर्ताव करना चाहिए. तमिलनाडु हमेशा से ही समानता पर आधारित रहा है. उत्तर भारत में सनातन धर्म का मतलब हिंदू धर्म होता है. तमिलनाडु में सनातन धर्म का मतलब असमानता है. बेशक, उन्हें इस बारे में साफ तौर पर बताना चाहिए. हम हमेशा असमानता के खिलाफ रहे हैं. हम किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं हैं.



