
रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने जा रही एक महिला की कार पर कथित तौर पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया गया। अचानक हुए पथराव से कार के शीशे टूट गए और मां-बेटी को चोटें आईं। कार में बैठी मासूम डर के मारे अपनी मां से बचाने की गुहार लगाती रही। घटना 7 अक्टूबर 2026 की सुबह जगतपुर थाना क्षेत्र के उड़वा गांव के पास हुई। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
बेटी को स्कूल छोड़ने जा रही थीं रुद्धिमा सिंह
जानकारी के मुताबिक, मोहित सिंह की पत्नी रुद्धिमा सिंह 7 अक्टूबर की सुबह करीब सात बजे अपनी बेटी को कार से स्कूल छोड़ने जा रही थीं। इसी दौरान उड़वा गांव के पास कुछ लोगों ने उनकी कार को रोककर उस पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से कार के अंदर बैठी मां-बेटी घबरा गईं। पथराव के कारण कार के शीशे टूट गए और दोनों को चोटें आईं। बच्ची इतनी डर गई कि वह अपनी मां से बार-बार उसे बचाने की गुहार लगाने लगी।
कार के डैशकैम में रिकॉर्ड हुई घटना
बताया गया है कि कार में लगे डैशकैम में घटना से जुड़ी तस्वीरें और आवाजें रिकॉर्ड हो गईं। रिकॉर्डिंग में पथराव के दौरान बच्ची की घबराहट और मदद के लिए पुकारने की बात सामने आई है।
घटना की रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। इसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की।
तीन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा
पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान रितेश मिश्रा, आयुष मिश्रा और शिवम कुमार मिश्रा के रूप में बताई गई है। तीनों रायबरेली के जगतपुर थाना क्षेत्र के उड़वा गांव के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मां-बेटी की कार पर हमला क्यों किया गया और घटना में कितने लोग शामिल थे।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
सीओ डलमऊ गिरजा शंकर त्रिपाठी के मुताबिक, रुद्धिमा सिंह की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
फिलहाल हमले के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट और पुलिस के प्रारंभिक बयानों के आधार पर तैयार की गई है। घटना के कारणों और सभी आरोपियों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। आरोपी बताए गए व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।



