
सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद क्षेत्र की वाल्मीकि बस्ती में शनिवार सुबह एक युवक की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 36 वर्षीय सुमित, पुत्र सुनील, के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल सुमित को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) देवबंद ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने इस मामले में राहुल नाम के व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने हत्या के पीछे अपनी पत्नी को लेकर विवाद होने की बात कही है। हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों की जांच जारी है और घटना की पूरी परिस्थितियां पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी।
पत्नी को लेकर विवाद का आरोप
पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान राहुल ने आरोप लगाया कि सुमित अक्सर उसकी पत्नी को नहाते हुए देखता था और उस पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करता था। आरोपी ने इसी बात को लेकर नाराजगी होने की बात कही है।
पुलिस इस कथित विवाद को हत्या की संभावित वजह मानकर जांच कर रही है। अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटना से पहले दोनों के बीच क्या हुआ था और वारदात किन परिस्थितियों में हुई।
सुबह की घटना से इलाके में मचा हड़कंप
शनिवार सुबह सुमित पर चाकू से हमला किए जाने की सूचना मिलने के बाद वाल्मीकि बस्ती में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर देवबंद थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर जानकारी जुटाई और घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने सुमित को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, ताकि मौत के कारणों की पुष्टि हो सके।
आरोपी से पूछताछ, आगे की जांच जारी
क्षेत्राधिकारी देवबंद अमित सिंह के मुताबिक, पूछताछ में राहुल ने अपनी पत्नी को लेकर विवाद की बात बताई है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस के सामने यह पता लगाना अहम है कि विवाद किस तरह बढ़ा और हत्या की घटना किन परिस्थितियों में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में जुटाए गए अन्य साक्ष्य मामले की आगे की कार्रवाई में महत्वपूर्ण होंगे।
सत्यम रिपोर्ट का अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस की प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। आरोपी द्वारा बताए गए कारणों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में दोष का अंतिम निर्धारण न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगा।



