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INDIA गठबंधन एकजुट दिखेगा या TMC में खुलेगी फूट की फाइल? कल हाई रहेगा दिल्ली का पारा

सोमवार को दिल्ली का सियासी पार हाई रहने की संभावना है. पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद ‘इंडिया’ गंठबंधन की सोमवार दोपहर दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में पहली बैठक होगी. इस बैठक में विपक्ष की 23 राजनीतिक पार्टियां बीजेपी के खिलाफ एकजुटता दिखाने की कोशिश करेगी. वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद टीएमसी टूट की कगार पर खड़ी है. तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली में हैं. टीएमसी ने एक ओर इंडिया गठबंधन के साथ अपनी प्रतिबद्धता जताई है, तो दूसरी ओर टूट की आहट को लेकर टीएमसी में बेचैनी है.

INDIA गठबंधन एकजुट दिखेगा या TMC में खुलेगी फूट की फाइल? कल हाई रहेगा दिल्ली का पारा
INDIA गठबंधन एकजुट दिखेगा या TMC में खुलेगी फूट की फाइल? कल हाई रहेगा दिल्ली का पारा

तृणमूल कांग्रेस विधायक दल की टूट के बाद अब संसदीय दल में टूट की कगार पर खड़ी है. ममता बनर्जी पार्टी में बगावत रोकने के लिए पूरी ताकत लगा दी हैं तो बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार भी दिल्ली में डेरा जमाई हुई हैं. सूत्रों का कहना है कि उनके साथ कई और तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद हैं, जो अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत के मूड में हैं. तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद विधायक दल की तरह ही लोकसभा में भी एक अलग गुट बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं. वहीं, ममता बनर्जी डैमेज कंट्रोल में जुटी हैं.

टीएमसी संसदीय दल में बगावत की आहट

लोकसभा में तृणणूल कांग्रेस के सांसदों की संख्या 28 है. टीएमसी का बागी गुट दावा कर रहा था कि उनके पास 18 सांसदों का समर्थन है. रात तक मिली जानकारी के मुताबिक तृणमूल का बागी खेमा अभी तक पर्याप्त सांसदों का सपोर्ट नहीं जुटा पाया है. दूसरी तरफ, ममता खेमे का मानना ​​है कि मुस्लिम सांसदों के अलावा करीब 13 लोकसभा सांसद उनकी तरफ हैं.

सूत्रों का कहना है कि ममता बनर्जी ने कई सांसदों को पर्सनली फोन किया है. इस बीच, काकोली घोष दस्तीदार रविवार शाम को दिल्ली पहुंच गईं. सुखेंदु शेखर रॉय भी दिल्ली पहुंच गए हैं. कई बागी सांसद पहले से ही दिल्ली में हैं. पहले यह दावा किया गया था कि टीएमसी के बागी सांसद सोमवार को स्पीकर से मुलाकात तक अलग गुट बनाने का दावा पेश कर सकते हैं.

लेकिन सूत्रों का कहना है कि बागी गुट तब तक हड़बड़ी नहीं करेगा, जबतक एंटीडिफेक्शन लॉ से बचने के लिए जरूरी संख्या इकट्ठा नहीं हो जाती. ऐसे में, इंडिया ब्लॉक मीटिंग के दिन तृणमूल का टूटना अभी पक्का नहीं है. यह देखना दिलचस्प होगा कि टीएमसी के बागी सांसद सोमवार को सरप्राइज दे पाते हैं या नहीं.

इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले घमासान

दूसरी ओर, चुनाव के बाद पहली मीटिंग से पहले विपक्षी खेमा कमजोर दिख रहा है. पूरी ताकत दिखाने की बात तो दूर, क्षेत्रीय राजनीति में नापसंद हो चुके गठबंधन के झगड़े को छिपाने की कोशिश मीटिंग से पहले दिख रही है.

विपक्षी गठबंधन के अंदर यह गठबंधन का झगड़ा कांग्रेस के इर्दगिर्द घूम रहा है. तमिलनाडु चुनाव में स्टालिन की हार से पहले, कांग्रेस ने उस राज्य में डीएमके का साथ छोड़ दिया था. उसने टीवीके के साथ गठबंधन किया है. अब, कांग्रेस तमिलनाडु में टीवीके के सत्ताधारी गठबंधन में पार्टनर में से एक है. चुनाव के बाद से डीएमके और कांग्रेस ने रिश्ते तोड़ लिए हैं. इस बार स्टालिन की पार्टी ने विपक्षी गठबंधन की मीटिंग का भी बॉयकॉट किया. वहीं, आम आदमी पार्टी के हाल ही में कांग्रेस के साथ कुछ खास रिश्ते नहीं रहे हैं. इसीलिए वे ‘इंडिया’ की मीटिंग में शामिल नहीं हो रहे हैं.

कांग्रेस के रवैये से माकपा भी नाराज

वहीं, केरलम चुनाव के दौरान, कांग्रेस ने माकपा और बीजेपी के बीच ‘समझौते’ की थ्योरी को हवा दी थी. उन्होंने पीएम मोदी पर केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और लेफ्ट लीडर पिनाराई विजयन के साथ सीक्रेट अलायंस का आरोप लगाया था. माकपा इस बात को लेकर कांग्रेस से नाखुश है. हाल ही में माकपा के जनरल सेक्रेटरी एमए बेबी ने इस बारे में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखा था.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए. यह सच है कि वे सोमवार की मीटिंग में प्रतिनिधि भेज रहे हैं, लेकिन यह कांग्रेस के बर्ताव से उनकी नाराजगी भी दिखा रहा है. पहले भी ऐसी मीटिंग में माकपा की तरफ से दिवंगत पूर्व जनरल सेक्रेटरी सीताराम येचुरी को देखा गया था. हालांकि, इस बार माकपा जनरल सेक्रेटरी बेबी मीटिंग में शामिल नहीं हो रहे हैं.

माकपा सोमवार की मीटिंग में राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास को भेज रही है. इसी तरह, एक और लेफ्ट पार्टी आरएसपी के जनरल सेक्रेटरी मनोज भट्टाचार्य भी ‘इंडिया’ मीटिंग में शामिल नहीं हो रहे हैं. उनकी जगह सांसद रामचंद्रन लेंगे. वहीं, बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्ल्किार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना यूबीटी के उद्धव ठाकरे सहित 23 पार्टियों के नेता शामिल होंगे.

ममता का सुर नरम, इंडिया गठबंधन के साथ

हालांकि चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस का कांग्रेस को लेकर सुर नरम हुआ है. चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने सभी राजनीतिक पार्टियों से बीजेपी के खिलाफ गठबंधन बनाने की अपील की थी. ​​उन्होंने लेफ्ट और अल्ट्रालेफ्ट पार्टियों से भी अपील की थी. ​​ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दोनों के सोमवार को दिल्ली मीटिंग में मौजूद रहने की उम्मीद है. इससे पहले रविवार को अरविंद केजरीवाल ने ममता और अभिषेक बनर्जी के साथ बैठक की.

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