BusinessIndia

Infosys Q1 Results: मुनाफा बढ़ा, नया CEO मिला, लेकिन कंपनी ने दिया ऐसा संकेत कि निवेशक हो जाएं अलर्ट

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस ने वित्त वर्ष 202627 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. अप्रैलजून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 12% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 6,921 करोड़ रुपये था. वहीं, कंपनी की ऑपरेशनल आय भी 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 42,279 करोड़ रुपये थी.

Infosys Q1 Results: मुनाफा बढ़ा, नया CEO मिला, लेकिन कंपनी ने दिया ऐसा संकेत कि निवेशक हो जाएं अलर्ट

हालांकि, मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष FY27 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस की ऊपरी सीमा को घटा दिया है. इससे साफ है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और आईटी सेवाओं की मांग को लेकर कंपनी अभी भी सतर्क बनी हुई है.

आशीष कुमार दास होंगे नए CEO

तिमाही नतीजों के साथ कंपनी ने नेतृत्व में बड़े बदलाव का भी ऐलान किया. इंफोसिस ने आशीष कुमार दास को CEODesignate नियुक्त किया है. वह 1 अप्रैल 2027 से मौजूदा CEO और प्रबंध निदेशक सलिल पारेख की जगह कंपनी की कमान संभालेंगे. तब तक सलिल पारेख अपने पद पर बने रहेंगे और नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करेंगे.

कंपनी का कहना है कि यह बदलाव लंबे समय की रणनीति के तहत किया गया है, ताकि नेतृत्व में सहज परिवर्तन सुनिश्चित किया जा सके.

FY27 के लिए घटाया ग्रोथ अनुमान

इंफोसिस ने पूरे वित्त वर्ष 202627 के लिए अपने राजस्व वृद्धि अनुमान की ऊपरी सीमा को 3.5% से घटाकर 3% कर दिया है. हालांकि, निचली सीमा को बरकरार रखा गया है. कंपनी का मानना है कि दुनिया के कई प्रमुख बाजारों में आर्थिक सुस्ती और ग्राहकों द्वारा आईटी खर्च में सावधानी बरतने का असर आने वाली तिमाहियों में भी देखने को मिल सकता है.

विशेषज्ञों का मानना है कि गाइडेंस में कटौती यह संकेत देती है कि आईटी सेक्टर में रिकवरी अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है. ऐसे में कंपनियां नए प्रोजेक्ट्स और बड़े तकनीकी निवेश को लेकर सतर्क रुख अपना रही हैं.

निवेशकों की रहेगी नजर

इंफोसिस के तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक मजबूत रहे हैं. मुनाफे और आय में दोहरे अंकों की वृद्धि कंपनी के परिचालन प्रदर्शन को मजबूत दिखाती है. वहीं, नए CEO की नियुक्ति से कंपनी ने भविष्य के नेतृत्व की दिशा भी स्पष्ट कर दी है.

अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाली तिमाहियों में वैश्विक मांग में कितना सुधार होता है और इंफोसिस अपने संशोधित ग्रोथ अनुमान के भीतर प्रदर्शन कर पाती है या नहीं. साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस , क्लाउड और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में मिलने वाले नए ऑर्डर भी कंपनी की भविष्य की विकास दर तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply