
लखनऊ: शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपित श्रद्धा दुबे को नागपुर से गिरफ्तार किए जाने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस अब उसके कथित जेड गैंग कनेक्शन, फरारी के दौरान मदद करने वालों और सोने व मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही है। श्रद्धा के साथ गिरफ्तार उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर को भी 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया है। अब एसटीएफ और लखनऊ पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही हैं।
नागपुर में किसने दिलाया था ठिकाना?
श्रद्धा दुबे को नागपुर के पास एक फार्महाउस में ठहराए जाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियों के सामने यह सवाल है कि फरारी के दौरान उसे किसने मदद पहुंचाई और वहां रहने की व्यवस्था किसने की थी।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जांच में मुंबई के कथित जेड गैंग से उसके संपर्कों की आशंका जताई जा रही है। इस गैंग का नाम जुल्फिकार बेहलिम उर्फ जुल्फी और मोहसिन जैसे लोगों के साथ जोड़ा जा रहा है। हालांकि, श्रद्धा को संरक्षण देने या उसकी फरारी में मदद करने के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने फार्महाउस में उसकी मौजूदगी का पता लगाकर कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर लिया। अब जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस दौरान उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।
मोबाइल फोन और चैट की होगी जांच
पुलिस को उम्मीद है कि श्रद्धा और उसके साथ पकड़े गए लोगों के मोबाइल फोन से अहम जानकारियां मिल सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपितों के पास से मिले चार मोबाइल फोन के डेटा की जांच की जाएगी।
जांच एजेंसियां फरारी के दौरान हुई बातचीत, संपर्कों और संदेशों की पड़ताल कर रही हैं। यह भी पता लगाया जाएगा कि श्रद्धा को छिपने में किसने मदद की और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने उसे आर्थिक या दूसरी तरह की सहायता उपलब्ध कराई थी।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि श्रद्धा और उसके कथित संपर्कों के बीच फेसटाइम के जरिए बातचीत होती थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर सकती है कि क्या इस माध्यम का इस्तेमाल किसी संदिग्ध गतिविधि के लिए किया गया था। इन दावों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही होगी।
रंगदारी और तस्करी के नेटवर्क से जुड़ाव की आशंका
रिपोर्टों में जेड गैंग पर कारोबारियों से रंगदारी मांगने, धमकाने और हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों का उल्लेख है। इस नेटवर्क के कथित तौर पर मादक पदार्थों और सोने की तस्करी से जुड़े होने की भी बात कही गई है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि श्रद्धा का इस नेटवर्क से वास्तव में कोई संबंध था या नहीं। साथ ही, क्या उसे लखनऊ और उत्तर प्रदेश में किसी तरह की गतिविधि की जिम्मेदारी दी गई थी, इस पहलू की भी पड़ताल की जा सकती है।
गैंग के कुछ सदस्यों की पहले गिरफ्तारी और उनके खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत हुई कार्रवाई का भी रिपोर्ट में जिक्र है। हालांकि, किसी गैंग से जुड़े लोगों पर लगे आरोपों के आधार पर श्रद्धा की भूमिका को अभी सिद्ध नहीं माना जा सकता।
बॉलीवुड में करियर बनाना चाहती थी श्रद्धा
श्रद्धा दुबे मॉडलिंग के क्षेत्र में काम कर चुकी है और रिपोर्टों के मुताबिक, वह बॉलीवुड में अभिनेत्री बनने की इच्छा रखती थी। उसने एक संगीत एल्बम के लिए भी काम किया था, लेकिन उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके बाद वह विभिन्न कंपनियों के ब्रांड के लिए मॉडलिंग करने लगी।
अब पुलिस उसके पुराने संपर्कों, निजी नेटवर्क और आर्थिक गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि शिवा शर्मा हत्याकांड के बाद उसे किन लोगों ने सहायता दी और नागपुर तक पहुंचने में किसकी भूमिका रही।
पूछताछ से खुल सकते हैं कई अहम पहलू
श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर से पूछताछ के दौरान पुलिस हत्याकांड के साथ-साथ फरारी से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाएगी। मोबाइल फोन के डेटा, बातचीत के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण जांच की दिशा तय करने में अहम हो सकता है।
फिलहाल जेड गैंग से कथित संबंध, तस्करी के नेटवर्क में भूमिका और फरारी के दौरान मदद मिलने जैसे पहलुओं पर जांच जारी है। इन आरोपों की वास्तविकता पुलिस की जांच और सामने आने वाले प्रमाणों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। जेड गैंग से कथित संबंध और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध नहीं माना जाना चाहिए; मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।



