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क्या अखिलेश यादव राम भक्त नहीं हैं? चढ़ावा चोरी मामले पर संजय राउत का भाजपा-आरएसएस पर सीधा हमला

Sanjay Raut On Akhilesh Yadav: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि की चोरी का मामला दिनबदिन गहराता जा रहा है। इस मामले में विशेष जांच दल की शुरुआती रिपोर्ट सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर पहुंच गई है। बुधवार को शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है।

क्या अखिलेश यादव राम भक्त नहीं हैं? चढ़ावा चोरी मामले पर संजय राउत का भाजपा-आरएसएस पर सीधा हमला
क्या अखिलेश यादव राम भक्त नहीं हैं? चढ़ावा चोरी मामले पर संजय राउत का भाजपा-आरएसएस पर सीधा हमला

संजय राउत ने राम मंदिर ट्रस्ट के ढांचे और उसकी विचारधारा पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या देश में केवल भाजपा के लोग ही रामभक्त हैं? उन्होंने विपक्ष के प्रमुख नेताओं का नाम लेते हुए इस पूरे विवाद को देश की जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ करार दिया है।

विपक्षी नेताओं का नाम लेकर संजय राउत ने घेरा

सांसद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का हर एक पदाधिकारी चंपत राय की तरह व्यवहार कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के अध्यक्ष से लेकर कोषाध्यक्ष तक, सभी एक ही विशेष राजनीतिक विचारधारा से जुड़े हुए हैं। राउत ने बेहद आक्रामक अंदाज में पूछा, “क्या भगवान श्रीराम इनकी निजी जागीर बन गए हैं? क्या ये लोग राम के मालिक हैं?”

उन्होंने आगे कहा, “क्या इस देश में इनके अलावा कोई दूसरा रामभक्त नहीं बचा है? क्या हम रामभक्त नहीं हैं? क्या उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मायावती और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रामभक्त नहीं हैं?” राउत ने दावा किया कि भाजपा केवल राजनीति के लिए राम नाम का इस्तेमाल करती है, जबकि वास्तविक आस्था विपक्ष के नेताओं में भी है।

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बद्रीनाथ से लेकर सोमनाथ तक लूट का आरोप

बीजेपी पर अपना हमला जारी रखते हुए संजय राउत ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि दो छोटे कर्मचारियों को सस्पेंड करके मुख्य दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। राउत ने आरोप लगाया कि जहांजहां भाजपा की सत्ता है, वहां के प्रमुख मंदिरों पर इनका कब्जा है और हर जगह प्रबंधन में बड़े घोटाले चल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर से लेकर उत्तराखंड के बद्रीनाथ और गुजरात के सोमनाथ मंदिर तक, हर उस धार्मिक स्थल पर लूटमार मची हुई है जिसे भाजपा के लोग संचालित कर रहे हैं। राउत ने कहा कि भक्तों द्वारा अपनी गाढ़ी कमाई से दिए गए चढ़ावे को इस तरह लूटना बेहद पाप का काम है।

40 दिनों में 70 बार हुई चोरी

इस बीच, मामले की जांच कर रही एसआईटी की 9 पेज की अंतरिम रिपोर्ट से बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। राज्य के गृह विभाग को सौंपी गई इस रिपोर्ट में 30 वर्षीय अविनाश शुक्ला को इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी बनाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की उच्च स्तरीय बैठक में इस रिपोर्ट पर गहन चर्चा हुई।

जांचकर्ताओं के अनुसार, मंदिर के दान राशि गणना कक्ष में भक्तों के चढ़ावे को गिनने के काम में शामिल अविनाश शुक्ला के खिलाफ सबसे पुख्ता सबूत मिले हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पिछले 40 दिनों के भीतर इस रूम से कथित चोरी के लगभग 70 अलगअलग मामलों को अंजाम दिया गया। शुक्ला की निशानदेही पर ही पुलिस ने पांच अन्य सहआरोपियों को भी दबोचा है।

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