Satya Report: गर्मियों में तेज धूप और बढ़ती गर्मी का असर शरीर पर तेजी से पड़ता है. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति खाली पेट धूप में निकलता है, तो उसे कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि खाली पेट रहने से शरीर में एनर्जी की कमी हो जाती है, जिससे गर्मी को सहन करना मुश्किल हो सकता है. शरीर को ठीक से काम करने के लिए जरूरी पोषक तत्व और ग्लूकोज की जरूरत होती है, जो खाली पेट होने पर कम हो जाते हैं. ऐसे में धूप का असर और ज्यादा तेज महसूस हो सकता है.

गर्मी के मौसम में शरीर पहले ही अधिक तापमान से जूझ रहा होता है, ऐसे में अगर पर्याप्त न मिले तो स्थिति और कठिन हो सकती है. खासकर सुबह बिना कुछ खाए सीधे बाहर निकलना शरीर पर अधिक दबाव डाल सकता है. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग नाश्ता छोड़ देते हैं, जो आगे चलकर परेशानी का कारण बन सकता है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि खाली पेट धूप में निकलने से क्या समस्याएं हो सकती हैं और इससे बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए.
खाली पेट धूप में निकलने से क्या समस्याएं हो सकती हैं? .
आरएमएल हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि खाली पेट धूप में निकलने से शरीर जल्दी कमजोर महसूस कर सकता है. एनर्जी की कमी के कारण चक्कर आना, सिर भारी लगना और थकान महसूस होना आम बात हो सकती है. शरीर में शुगर लेवल कम होने से अचानक कमजोरी आ सकती है.
तेज धूप के कारण डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है. कुछ लोगों को घबराहट या फोकस करने में भी दिक्कत हो सकती है. लंबे समय तक इस स्थिति में रहने से हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है. खासकर वे लोग जो ज्यादा देर तक बाहर रहते हैं, उन्हें यह समस्या ज्यादा प्रभावित कर सकती है.
बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
धूप में निकलने से पहले हल्का और पौष्टिक नाश्ता जरूर करें, ताकि शरीर को पर्याप्त एनर्जी मिल सके. घर से निकलते समय पानी जरूर पिएं और साथ में पानी की बोतल रखें. तेज धूप में जाने से बचें, खासकर दोपहर के समय. हल्के और ढीले कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें. नियमित रूप से पानी और तरल पदार्थ लेते रहें, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे.
ये भी जरूरी
गर्मी के मौसम में अपनी दिनचर्या को मौसम के अनुसार ढालना जरूरी है. ज्यादा देर तक खाली पेट न रहें और समय पर भोजन करें. बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें, क्योंकि वे जल्दी प्रभावित होते हैं. अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो बीच-बीच में आराम करें. शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें और कोई परेशानी होने पर तुरंत उचित कदम उठाएं.



