Health Benefits Of Walnuts :अखरोट एक ऐसा ड्राई फ्रूट्स है जिसे सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता हैं। इसमें मौजूद ओमेगा3 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स, प्रोटीन, फाइबर, विटामिनई और मिनरल्स शरीर को कई गंभीर बीमारियों से बचाते हैं।

लेकिन, हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि, किसी भी चीज का फायदा तो तब मिलता है जब उसका सही तरीके और सही मात्रा में सेवन किया जाए। अगर आप अखरोट को अपनी डाइट में सही तरीके से शामिल करते हैं, तो इससे आपको फायदा मिल सकता है। यहां हम जानेंगे कि रोजाना कितने अखरोट खाना चाहिए और इसके सेवन से क्या क्या फायदे मिलते हैं और सेवन का सही तरीका क्या है।
रोजाना कितने अखरोट खाना चाहिए?
हेल्थ एक्सपर्ट्स रोजाना 1 से 2 अखरोट खाने की सलाह देते हैं। बच्चे रोजाना 1 साबुत अखरोट खा सकते हैं।
अखरोट खाने से मिलते है ढेरों फायदे
दिमाग को करता तेज
अगर आप अपनी चाहते हैं, तो अखरोट बेहतरीन विकल्प है। ओमेगा3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण यह मस्तिष्क की कार्यक्षमता को तेजी से बढ़ाता है।
ब्लड शुगर को करें कंट्रोल
डायबिटीज के मरीजों के लिए भी अखरोट विशेष रूप से लाभकारी है। इसका सेवन करने से शरीर में इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में बहुत मदद मिलती है।
पाचन तंत्र रहता है दुरुस्त
अगर आप पेट से जुड़ी समस्याओं से बचे रहना चाहते हैं, तो फायदेमंद है। इसमें फाइबर की बहुत अच्छी मात्रा होती है, जो पाचन तंत्र को एकदम दुरुस्त रखता है और कब्ज जैसी परेशानियों से बचाता है।
–
हड्डियों और दांतों को बनाए मजबूत
अखरोट में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व आपकी हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाते हैं। इसके अलावा, यह उम्र के साथ होने वाली हड्डियों की बीमारी ‘ऑस्टियोपोरोसिस’ के खतरे को भी कम करता है।
अखरोट खाने का क्या है सही तरीका?
अखरोट को हमेशा भिगोकर खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। रात को 2 अखरोट को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह खाली पेट खाएं। भिगोने से इसके फिएटिक एसिड का लेवल कम होता है, जिससे शरीर इसके पोषक तत्वों को आसानी से पचा और सोख पाता है। आप इसे सुबह के नाश्ते, ओट्स, फ्रूट सलाद या स्मूदी में क्रश करके भी मिला सकते हैं। अगर आपको पाचन से जुड़ी समस्या है या शरीर में गर्मी ज्यादा रहती है, तो बिना भिगोए सूखा अखरोट ज्यादा मात्रा में न खाएं।



