उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में ठाकुरद्वारा इलाके के लालापुर पीपलसाना गांव में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में खौफ फैला दिया है. अपने खेत में पशुओं के लिए गन्ने की पत्तियां उतारने गईं 45 वर्षीय संतोष देवी पर गन्ने के झुरमुट में छिपे खूंखार तेंदुए ने अचानक पीछे से जानलेवा हमला कर दिया. तेंदुए का हमला इतना भयानक था कि उसने महिला का सिर, चेहरा और सीने का हिस्सा बुरी तरह नोच डाला, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.

मौत का यह खौफनाक मंजर तब सामने आया, जब काफी देर तक घर न लौटने पर संतोष देवी की बेटी रश्मि खेत पहुंची. वहां अपनी मां के क्षतविक्षत शव के पास तेंदुए को बैठा देख उसकी चीख निकल गई. बेटी के शोर मचाते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण दौड़ पड़े, जिन्हें देखकर तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला.
इस हृदयविदारक घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और करीब दो घंटे तक शव को पिकअप में नहीं उठाने दिया. गुस्साए लोग पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा देने और तेंदुए को तुरंत पकड़ने की मांग कर रहे थे.
महिला की मौत की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत और आश्वासन के बाद स्थिति को संभाला.
महिला की मौत का घटनाक्रम और तेंदुए का हमला
लालापुर पीपलसाना निवासी वीरेंद्र सिंह सैनी की पत्नी संतोष देवी रोज की तरह खेत में पशुओं के लिए चारा लेने गई थीं. गन्ने के घने खेत में काम करते समय घात लगाए बैठे तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया. काफी देर तक घर वापस न लौटने पर उनकी बेटी उन्हें ढूंढते हुए खेत पहुंची.
वहां का खौफनाक दृश्य देखकर वह बदहवास होकर चिल्लाने लगी. ग्रामीणों ने एकजुट होकर तेंदुए को घेरने की कोशिश की, लेकिन वह चकमा देकर भाग निकला. इस भयावह घटना ने पूरे गांव को गहरे सदमे और दहशत में डाल दिया.
ग्रामीणों का भारी आक्रोश
तेंदुए के हमले में महिला की मौत की खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई. सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. वन विभाग की कथित लापरवाही से नाराज लोगों ने पुलिस को शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक दिया.
ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में तेंदुए की आवाजाही की शिकायतें पहले भी की गई थीं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. जब पुलिस शव को पिकअप में रखकर गांव से ले जाने लगी तो ग्रामीणों ने रास्ता जाम कर दिया. करीब दो घंटे तक चले हंगामे के कारण पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना रहा.
प्रशासन ने क्या कहा?
हालात बिगड़ते देख एसडीएम अभिषेक कुमार सिंह और एसपी ग्रामीण कुमार आकाश सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझाकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया.
प्रशासन ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने और तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमों को तैनात करने का भरोसा दिया. एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका. फिलहाल वन विभाग इलाके में लगातार गश्त कर रहा है और लोगों को अकेले खेतों में न जाने की सलाह दी जा रही है.



