बेंगलुरु। दिल्ली में विपक्षी नेताओं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कर्नाटक कांग्रेस ने गुरुवार को पूरे राज्य में ‘काला दिवस’ मनाने का आह्वान किया है। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की रक्षा की लड़ाई बताते हुए राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर विरोधप्रदर्शन का निर्णय लिया है।

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसार, राजधानी बेंगलुरु स्थित क्वीन्स रोड के केपीसीसी कार्यालय में सुबह 10:30 बजे मुख्य प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसके अलावा जिला कांग्रेस कमेटियों और ब्लॉक/मंडल कांग्रेस कार्यालयों पर भी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है।
‘विपक्ष पर हमला संविधान पर हमला’
कांग्रेस ने विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने और प्रदर्शन के दौरान कथित बदसलूकी को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। केपीसीसी ने कहा कि विपक्ष के नेताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों पर हमला वास्तव में संविधान पर हमला है। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और चुनावी व्यवस्था में पूरी निष्पक्षता बहाल करने की मांग दोहराई है।
बीके हरिप्रसाद बोले—जारी रहेगी लड़ाई
केपीसीसी अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने कहा कि कांग्रेस तब तक अपना संघर्ष जारी रखेगी, जब तक ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया नहीं जाता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता बहाल नहीं होती। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने का आह्वान किया।
गौरतलब है कि बुधवार को दिल्ली में चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत करीब 90 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को रात करीब आठ बजे के बाद रिहा कर दिया गया।
कर्नाटक कांग्रेस का यह प्रदर्शन ऐसे समय हो रहा है, जब चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है।



