
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और भाजपा के आईटी विभाग प्रमुख अमित मालवीय के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इथेनॉल मिश्रण को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन (ATF) में इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने की तैयारी का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने इन दावों को पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन बताया।
केजरीवाल का दावा- ‘मोदी सरकार ला रही है E50’-
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार E20 के बाद अब पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण बढ़ाकर E50 तक ले जाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) में भी इथेनॉल मिलाने की योजना बना रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि फिलहाल नए पेट्रोल और डीजल वाहन खरीदने से बचें। केजरीवाल का कहना था कि सरकार पहले ही E0 और E10 वाहनों में E20 ईंधन का इस्तेमाल कराकर वाहन मालिकों को नुकसान पहुंचा चुकी है।
E20 लागू करने पर भी उठाए सवाल-
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि E20 ईंधन को पर्याप्त वैज्ञानिक अध्ययन के बिना लागू किया गया। उन्होंने अमित मालवीय को चुनौती देते हुए कहा कि यदि E20 लागू करने से पहले कोई वैज्ञानिक अध्ययन किया गया था, तो उसे सार्वजनिक किया जाए।
अमित मालवीय का पलटवार-
भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने केजरीवाल के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने E20 से आगे इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने का कोई फैसला नहीं लिया है।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल तथ्यों के बजाय डर और भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहे हैं। मालवीय ने स्पष्ट किया कि भारत का इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम पिछले दो दशकों से चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है और E20 लागू करने से पहले व्यापक वैज्ञानिक परीक्षण तथा सभी संबंधित पक्षों से परामर्श किया गया था।
ATF और E50 को लेकर भी विवाद-
केजरीवाल ने दावा किया कि सरकार फिलहाल माहौल शांत होने का इंतजार कर रही है और बाद में E50 लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाएगी। उनका कहना था कि यदि लोग आज E20 अनुकूल वाहन खरीदते हैं और भविष्य में E50 लागू हो जाता है, तो इससे वाहन मालिकों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।
भाजपा ने बताया ‘भय फैलाने की राजनीति’-
अमित मालवीय ने जवाब देते हुए कहा कि E50 को लेकर किए जा रहे दावे पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल बिना किसी आधिकारिक जानकारी के लोगों में अनावश्यक भय और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मालवीय ने कहा कि केंद्र सरकार का हर फैसला वैज्ञानिक अध्ययन और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर लिया जाता है, न कि जल्दबाजी में।



