
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश विशेष कार्यबल के शहीद निरीक्षक सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। वह उत्तर प्रदेश पुलिस के पहले सदस्य बन गए हैं, जिन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया गया है।
स्वतंत्रता दिवस2026 के अवसर पर केंद्र सरकार ने उनकी अदम्य वीरता और सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में यह अलंकरण प्रदान किया। उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए इसे पूरे पुलिस परिवार के लिए ऐतिहासिक गौरव का क्षण बताया।
यूपी सिविल पुलिस के लिए पहली बार कीर्ति चक्र
उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, निरीक्षक सुनील कुमार को दिया गया कीर्ति चक्र उत्तर प्रदेश सिविल पुलिस के किसी कर्मी को प्रदान किया गया पहला कीर्ति चक्र है। इसके अलावा उन्हें अपराधियों के खिलाफ एक अन्य साहसिक अभियान में असाधारण वीरता दिखाने के लिए गैलेंट्री मेडल से भी सम्मानित किया गया है।
शामली मुठभेड़ में अदम्य साहस दिखाकर हुए शहीद
20 जनवरी 2025 को शामली में कुख्यात अपराधियों के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ निरीक्षक सुनील कुमार ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपराधियों का मुकाबला किया था। मुठभेड़ में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान 22 जनवरी 2025 को उन्होंने अंतिम सांस ली और देशसेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया।
अनिल दुजाना के खिलाफ अभियान में भी दिखाई थी वीरता
इससे पहले 4 मई 2023 को मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में एसटीएफ की टीम की कुख्यात अपराधी अनिल दुजाना के साथ मुठभेड़ हुई थी। पुलिस के अनुसार, दुजाना 66 मुकदमों में वांछित था और मुठभेड़ में घायल होने के बाद उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस अभियान में निरीक्षक सुनील कुमार की ओर से दिखाई गई असाधारण वीरता के लिए उन्हें स्वतंत्रता दिवस2026 पर वीरता पदक से भी सम्मानित किया गया है।



