
डायबिटीज में ब्लड शुगर को मैनेज करने के लिए सिर्फ दवाइयां ही नहीं, बल्कि रोजाना का खानपान भी महत्वपूर्ण होता है। खासकर सुबह दिन की शुरुआत किस चीज से की जा रही है, इसका असर पूरे दिन की डाइट पर पड़ सकता है।
कई लोगों में सुबह फास्टिंग ब्लड शुगर बढ़ी हुई मिल सकती है। इसके पीछे शरीर में सुबह के समय होने वाले हार्मोनल बदलाव, रात की दवाइयों का असर, देर रात का भोजन, नींद की कमी और तनाव जैसे कई कारण हो सकते हैं।
ऐसे में सुबह के समय मीठे पेय या ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाले ड्रिंक्स लेने के बजाय कम या बिना अतिरिक्त चीनी वाले विकल्प चुने जा सकते हैं।
1. पानी से करें दिन की शुरुआत
डायबिटीज में सुबह का सबसे आसान और सामान्य विकल्प पानी हो सकता है। सादे पानी में कार्बोहाइड्रेट या अतिरिक्त चीनी नहीं होती और यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।
डायबिटीज वाले लोगों के लिए मीठे पेय की जगह पानी को प्राथमिकता देना उपयोगी हो सकता है। अगर स्वाद बदलना चाहते हैं तो पानी में नींबू की कुछ बूंदें डाली जा सकती हैं, लेकिन इसे ब्लड शुगर कम करने का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
2. बिना चीनी की यर्बा माते चाय
यर्बा माते दक्षिण अमेरिका में लोकप्रिय कैफीन युक्त पेय है। इसमें पॉलीफेनॉल और अन्य पौधों से मिलने वाले कंपाउंड पाए जाते हैं।
कुछ शोधों में यर्बा माते के सेवन और ग्लूकोज से जुड़े कुछ मेटाबॉलिक संकेतकों के बीच संभावित लाभ देखा गया है। हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता कि यह डायबिटीज को नियंत्रित करने वाली दवा का विकल्प है।
अगर इसे पीना पसंद करते हैं तो अतिरिक्त चीनी या मीठे सिरप के बिना लेना बेहतर है। इसमें कैफीन मौजूद होता है, इसलिए कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों को मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।
3. बिना चीनी वाला लाटे
डायबिटीज वाले लोग लाटे को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, लेकिन इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर ध्यान देना जरूरी है।
सादा दूध या बिना चीनी वाला सोया मिल्क इस्तेमाल किया जा सकता है। दूध में प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व होते हैं। वहीं कॉफी में फ्लेवर्ड सिरप, मीठा क्रीमर, व्हिप्ड क्रीम या अतिरिक्त चीनी डालने से पेय में कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी काफी बढ़ सकती है।
इसलिए लाटे लेते समय इसे बिना चीनी या कम अतिरिक्त चीनी के साथ लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
4. प्रोटीन शेक भी हो सकता है विकल्प
सुबह प्रोटीन युक्त नाश्ता कुछ लोगों के लिए पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है। प्रोटीन को नाश्ते में शामिल करने से भोजन के बाद ब्लड शुगर में होने वाले बदलाव को मैनेज करने में भी मदद मिल सकती है।
प्रोटीन शेक बनाते समय बिना चीनी वाला ग्रीक योगर्ट, बिना चीनी वाला सोया मिल्क या उपयुक्त प्रोटीन पाउडर इस्तेमाल किया जा सकता है। फाइबर बढ़ाने के लिए थोड़ी मात्रा में बेरीज, चिया सीड्स या पिसी हुई अलसी भी शामिल की जा सकती है।
हालांकि, प्रोटीन शेक में शहद, चीनी, मीठे फ्लेवर्ड पाउडर या ज्यादा मात्रा में मीठे फल डालने से बचना चाहिए।
सुबह के ड्रिंक चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान
डायबिटीज में सिर्फ यह देखना पर्याप्त नहीं है कि कोई पेय हेल्दी है या नहीं। उसमें मौजूद कुल कार्बोहाइड्रेट, अतिरिक्त चीनी और आपकी पूरी डाइट भी मायने रखती है।
सुबह के समय पैकेज्ड जूस, मीठी कॉफी, फ्लेवर्ड ड्रिंक और ज्यादा चीनी वाले शेक ब्लड शुगर बढ़ा सकते हैं। इसलिए लेबल पढ़कर पेय का चुनाव करना बेहतर है।
साथ ही, हर व्यक्ति का ब्लड शुगर किसी खाद्य पदार्थ या पेय के प्रति अलग प्रतिक्रिया दे सकता है।
क्या सिर्फ ड्रिंक बदलने से डायबिटीज कंट्रोल हो जाएगी?
नहीं। डायबिटीज मैनेजमेंट के लिए पूरी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी है। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का सही तरीके से सेवन महत्वपूर्ण है।
सुबह का सही पेय इस पूरी दिनचर्या का सिर्फ एक हिस्सा है। किसी भी ड्रिंक को डायबिटीज की दवा या इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। इन पेय पदार्थों को डायबिटीज का इलाज या ब्लड शुगर कम करने वाली दवा न समझें। डायबिटीज में डाइट या पेय पदार्थों में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन की सलाह लें।



