कोटक महिंद्रा बैंक ने शनिवार को सितंबर तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की, जो 5,645 करोड़ रुपए रही. स्टैंडअलोन आधार पर, निजी क्षेत्र के इस बैंक ने टैक्स के बाद अपने प्रॉफिट में 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो 4,212 करोड़ रुपए रही. इसमें मुख्य आय में बढ़ोतरी और प्रोविजन्स में कमी का योगदान रहा. बैंक की कोर नेट इंटरेस्ट इनकम 16 प्रतिशत बढ़कर 8,459 करोड़ रुपए हो गई. इसमें नेट एडवांसेज में 25 प्रतिशत की उछाल का फायदा मिला, जबकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 0.23 प्रतिशत की कमी का असर भी देखने को मिला.

NIM में कैसे कमी आई?
बैंक ने बताया कि RBI की रियायती स्वैप सुविधा के तहत 55,344 करोड़ रुपए की FCNR डिपॉजिट जुटाने के कारण इस तिमाही में NIM में कमी आई. बैंक ने यह भी बताया कि FCNR स्कीम के तहत कुल 16,110 करोड़ रुपए के लोन बांटे गए. इस स्कीम के तहत डिपॉजिट के बदले लोन लेने की सुविधा भी मिलती है. बैंक के अनुसार, अगर FCNR से जुड़े असर को हटा दें, तो लोन ग्रोथ 19 प्रतिशत और डिपॉजिट ग्रोथ 13 प्रतिशत रही होती.
बैंक ने बताया कि FCNR स्कीम के तहत फंड जुटाने का असर कुल डिपॉजिट बेस में कम लागत वाले करंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट डिपॉजिट के हिस्से पर भी पड़ा. सितंबर तक यह अनुपात गिरकर 38.2 प्रतिशत हो गया, जबकि एक साल पहले की इसी अवधि में यह 42.3 प्रतिशत था.
एनपीए रेश्यो में आया सुधार
एसेट क्वालिटी के नजरिए से देखें तो, इस तिमाही में स्लिपेज घटकर 1,230 करोड़ रुपए रह गए, जबकि एक साल पहले की इसी अवधि में यह 1,629 करोड़ रुपए थे. वहीं, ग्रॉस नॉनपरफॉर्मिंग एसेट्स का अनुपात सुधरकर 1.04 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले की इसी अवधि में 1.39 प्रतिशत था. 30 सितंबर, 2026 तक कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 21.9 प्रतिशत था, जिसमें कोर कॉमन इक्विटी टियर 1 बफर 21.4 प्रतिशत शामिल था.
शुक्रवार, 23 अक्टूबर को NSE पर कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर 1.49% गिरकर 430.50 रुपए प्रति शेयर पर बंद हुए, जबकि पिछली क्लोजिंग कीमत 437 रुपए थी. NSE के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक बैंक के शेयरों में 2.94% की गिरावट आई है. मौजूदा बाजार भाव पर, बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन 4,28,256.29 करोड़ रुपए रहा.



