
उत्तर प्रदेश में एक ऐसा मामला सामने आया , जिसने उस समय पूरे इलाके में खूब सुर्खियां बटोरी थीं। बताया गया था कि एक महिला अपने ही पति के मकान में रहने आए किराएदार युवक के संपर्क में आ गई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं और यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया था। इसके बाद महिला अपने पति और छोटे बच्चे को छोड़कर किराएदार युवक के साथ घर से चली गई थी।
यह पूरा मामला जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र का बताया गया था। पीड़ित पति के अनुसार, उसने अप्रैल 2025 में एक युवक को अपने मकान में किराए पर कमरा दिया था। वह युवक अपनी पत्नी के साथ वहां रहने आया था। इसी दौरान उसकी पत्नी और मकान मालिक के बीच बातचीत शुरू हुई थी, जो आगे चलकर बढ़ती चली गई थी।
कुछ समय बाद दोनों के बीच संबंध इतने गहरे हो गए थे कि उन्होंने घर छोड़कर साथ जाने का फैसला कर लिया था। पति का आरोप था कि सितंबर 2024 में उसकी पत्नी अपने छोटे बच्चे को लेकर किराएदार युवक के साथ घर से फरार हो गई थी।
मंदिर में शादी का वीडियो भेजा गया था
पत्नी और बच्चे के अचानक गायब होने के बाद पति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और गुमशुदगी की रिपोर्ट भी लिखवाई थी। इसी बीच उसे जानकारी मिली थी कि महिला ने अपने प्रेमी के साथ मंदिर में शादी कर ली थी।
आरोप यह भी था कि शादी के बाद दोनों ने इसका वीडियो भी पति को भेज दिया था। वीडियो देखने के बाद पति के सामने पत्नी और बच्चे को लेकर स्थिति और भी गंभीर हो गई थी।
बच्चे को लेकर विवाद चलता रहा था
पीड़ित पति का कहना था कि वह अपने बच्चे को वापस पाना चाहता था। उसका दावा था कि बच्चे को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद लगातार बना हुआ था। इस मामले में पुलिस और न्यायालय स्तर पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी।
पति के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश भी की गई थी, लेकिन उसने सुलह करने से इनकार कर दिया था। उसका कहना था कि उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता अपने बच्चे से मिलना और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
मारपीट और धमकी के आरोप भी लगे थे
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया था कि न्यायालय से लौटने के बाद उसके साथ मारपीट की गई थी और जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। इन आरोपों को लेकर उसने अधिकारियों से शिकायत कर सुरक्षा की मांग की थी।
उसका कहना था कि घटना को कई महीने बीत चुके थे, लेकिन वह अब तक अपने बच्चे से नहीं मिल पाया था। उसने प्रशासन से मामले में उचित कार्रवाई करने और अपने बच्चे से मिलने का अधिकार दिलाने की मांग की थी।
फिलहाल यह मामला उस समय पुलिस और प्रशासन के स्तर पर जांच और कार्रवाई के दायरे में चल रहा था। पति द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाई थी।



