नई दिल्ली
अगर आपने अभी तक अपने वोटर रिकॉर्ड की जांच नहीं कराई है, तो आपके पास अब थोड़ा और समय है। चुनाव आयोग ने दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण की डेडलाइन एक हफ्ते से ज्यादा बढ़ा दी है। राहत की बात ये है कि वेरिफिकेशन अब 8 अगस्त की जगह 17 अगस्त तक चलेगा। इसके साथ ही ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, दावेआपत्तियों और अंतिम मतदाता सूची जारी होने की सभी तारीखें भी आगे खिसका दी गई हैं।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया है। आयोग का कहना है कि मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं और मृत, डुप्लीकेट, स्थान बदल चुके या अन्य अपात्र लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकें। अभी तक बड़ी संख्या में मतदाताओं का वेरिफिकेशन पूरा नहीं हो पाया है, इसलिए समय बढ़ाया गया है।
नई तारीखें क्या हैं?
घरघर वेरिफिकेशन अब 8 अगस्त की जगह 17 अगस्त तक चलेगा।
ड्राफ्ट मतदाता सूची अब 24 अगस्त को प्रकाशित होगी।
दावे और आपत्तियां 24 अगस्त से 23 सितंबर तक दर्ज कराई जा सकेंगी।
इनका निपटारा 22 अक्टूबर तक किया जाएगा।
अंतिम मतदाता सूची अब 27 अक्टूबर को जारी होगी।
समय क्यों बढ़ाया गया?
मतदाता गणना 30 जून से शुरू हुई थी, लेकिन वेरिफिकेशन और रिकॉर्ड को डिजिटल करने की प्रक्रिया अपेक्षा से धीमी रही। 3 अगस्त तक करीब 1.4 करोड़ रजिस्टर्ड मतदाताओं में से केवल लगभग 90 लाख का वेरिफिकेशन और डिजिटाइजेशन हो पाया था। करीब 55 लाख मतदाताओं का वेरिफिकेशन अभी बाकी है।
बड़ी चुनौती क्या है?
BLO के सामने सबसे बड़ी समस्या उन मतदाताओं की है, जो अपने पुराने पते से कहीं और जा चुके हैं। कई लोग किराए का घर बदलने के बाद भी वोटर लिस्ट में पता अपडेट नहीं कराते। ऐसे मामलों में अधिकारी संबंधित व्यक्ति तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। यदि वेरिफिकेशन पूरा नहीं होता, तो ऐसे नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। हालांकि, ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद दावे और आपत्तियों की अवधि में पात्र मतदाता अपना नाम दोबारा शामिल कराने या सुधार कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।


