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बिना शराब पिए भी खराब हो सकता है लिवर! साइलेंट किलर बन रही इस बीमारी को ऐसे पहचानें

नॉन अल्कोहोलिक फैटी लिवर चुपकेचुपके शरीर में पनपता है। अगर इस समस्या को नजरअंदाज किया जाए, तो यह लिवर फेलियर की भी वजह बन सकता है।

बिना शराब पिए भी खराब हो सकता है लिवर! साइलेंट किलर बन रही इस बीमारी को ऐसे पहचानें

हमारे खानपान और रहनसहन का सीधा असर हमारे लिवर पर पड़ता है। यही वजह है कि आजकल लोगों में नॉन अल्कोहोलिक फैटी लिवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लिवर से जुड़ी यह बीमारी शराब के कारण नहीं, बल्कि हमारी लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से हमें अपना शिकार बनाती है।

सबसे खतरनाक बात यह है कि यह चुपकेचुपके हमारे शरीर में पनपता रहता है और समय रहते ध्यान न देने पर लिवर सिरोसिस या लिवर फेलियर की वजह भी बन सकता है। इसलिए जरूरी है कि फैटी लिवर के लक्षणों पर वक्त रहते ध्यान दिया जाए और साथ ही, इससे बचाव के तरीकों के बारे में समझना भी जरूरी है।

क्या होता है नॉन अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज?

यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर के सेल्स में फैट काफी ज्यादा मात्रा में जमा हो जाता है। यह फैट धीरेधीरे लिवर की काम करने की क्षमता को कम करता है और सूजन पैदा करता है। यह बीमारी तब और खतरनाक बन जाती है जब लिवर के सेल्स डैमेज होने लगते हैं और लिवर शरीर के वेस्ट को बाहर नहीं निकाल पाता।

इसके कारण क्या हैं?

  • गलत खानपान की आदतें ज्यादा तले हुए, मीठे और जंक फूड्स खाने से लिवर में फैट जमा करता है।
  • मोटापा खासतौर पर पेट और कमर के आसपास जमा फैट लिवर पर सीधा दबाव डालता है।
  • इंसुलिन रेसिस्टेंस जब शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता, तो ब्लड शुगर और ट्राइग्लिसराइड्स दोनों बढ़ जाते हैं, जिससे फैट लिवर में जमा हो जाता है।
  • फिजिकल एक्टिविटीज की कमी बैठे रहने वाली लाइफ स्टाइल लिवर के मेटाबॉलिक प्रोसेस को धीमा कर देती है।
  • स्ट्रेस और नींद की कमी स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल लिवर में फैट जमा होने की प्रक्रिया को बढ़ाता है।
  • हार्मोनल कारण कुछ लोगों में यह जेनेटिक कारणों या थायरॉयड इंबैलेंस की वजह से भी होता है।

फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण

  • लगातार थकान महसूस होना
  • पेट के दाहिने हिस्से में भारीपन या दर्द
  • पाचन में गड़बड़ी
  • भूख कम लगना
  • स्किन और आंखों में पीलापन आना
  • वजन का अचानक बढ़ना या घटना

इससे बचाव कैसे कर सकते हैं?

  • लाइफस्टाइल में बदलाव नियमित फिजिकल एक्टिविटी इससे बचाव का सबसे बेहतरीन तरीका है। रोज कम से कम 3045 मिनट वॉक, योग या हल्की एक्सरसाइज करें।
  • बैलेंस्ड डाइट खाने में फाइबर, हरी सब्जियां, फल, ओट्स, साबुत अनाज और प्रोटीन शामिल करें। तलीभुनी चीजें, स्वीट ड्रिंक्स, रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं।
  • वजन कंट्रोल करें धीरेधीरे वजन घटाने से लिवर में फैट कम होता है। अचानक वजन कम करना नुकसानदायक हो सकता है।
  • ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल पर नजर रखें यह फैटी लिवर की ग्रोथ को रोकने में मदद करता है।
  • पूरी नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट योग, मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग जैसे उपाय अपनाएं जिससे मानसिक शांति और हार्मोनल संतुलन बना रहे।

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