प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों से पेट्रोलडीजल बचाने, एक साल तक गोल्ड नहीं खरीदने और कोरोना के समय जैसी सावधानी बरतने की अपील की. हालांकि पीएम मोदी की इस अपील को कई लोगों ने सिर्फ एक सामान्य सलाह की तरह लिया. लेकिन इसके बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के ताजा बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

हरदीप पुरी ने एक्स पर अपने पोस्ट में बताया कि सरकारी तेल कंपनियां हर रोज 1000 करोड़ का नुकसान सह रही हैं. वहीं इस तिमाही में तेल कंपनियों का कुल घाटा एक लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान जताया है. वहीं इन आंकड़ों के सामने आने के बाद ‘कुछ बड़ा होने की’ अटकले तेज हो गई हैं.
चुनौतियों से निपटने में मिलेगी मदद
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से पेट्रोल और डीजल का उपयोग कम करने, जहां संभव हो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और यथासंभव कार पूलिंग करने की अपील की है. इस तरह के उपायों से देश को ऊर्जा संरक्षण करने, ऊर्जा आयात बिल में बचत करने और कई ऊर्जा उत्पादक देशों के बीच चल रहे गंभीर सैन्य संघर्ष से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा कि भारत उन गिनेचुने देशों में से है, जिन्होंने ऊर्जा की कीमतें नहीं बढ़ाई हैं और दुनिया के कई हिस्सों में संकट के बावजूद नागरिकों को स्थिर आपूर्ति बनाए रखी है. हमारा ऊर्जा क्षेत्र इस संकट का सबसे अधिक प्रभाव झेल रहा है.
PM Sh @narendramodi Ji appeals to the citizens to curtail use of petrol and diesel, use public transport where possible, and car pool as much as possible.
Measures such these will help the nation conserve energy, save on the energy import bill and overcome the challenges arising pic.twitter.com/D20ItaWFTo— Hardeep Singh Puri May 10, 2026
हर रोज 1,000 करोड़ रुपए का नुकसान
ओएमसी कंपनियां कच्चे तेल, गैस और एलपीजी को अधिक लागत पर खरीद रही हैं, लेकिन उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए वे अंतिम उत्पादों को कम लागत पर बेच रही हैं, जिससे प्रतिदिन 1,000 करोड़ रुपए तक का भारी नुकसान हो रहा है. हालांकि, ओएमसी कंपनियों ने निर्बाध ऊर्जा आयात और आपूर्ति सुनिश्चित की है.
6 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं की सुरक्षा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने प्रतिदिन खुदरा स्टेशनों पर आने वाले 6 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की है. इसके अलावा, मोदी सरकार ने खुदरा ईंधन पर उत्पाद शुल्क घटाया और एक महीने में ₹14,000 करोड़ का राजस्व घाटा देखा. इस फैसले के बाद भी, इस तिमाही में ओएमसी की अनुमानित वसूली बढ़कर ₹2,00,000 करोड़ तक पहुंचने की आशंका है और घाटा लगभग ₹1,00,000 करोड़ होने का अनुमान है.



