
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: पड़ोस में कार खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ विवाद तीन लोगों की हत्या तक पहुंच गया। अब इस तिहरे हत्याकांड में नामजद दो आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। लखनऊ के सआदतगंज इलाके में हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने राजेश शुक्ला और दिव्या शुक्ला पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। वहीं, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत के बाद घर में मातम पसरा है।
कार खड़ी करने को लेकर हुआ था विवाद
यह मामला लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला का है। जानकारी के मुताबिक, 26 अक्टूबर की सुबह चबूतरे के पास कार खड़ी करने को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी दौरान ऋषभ शुक्ला ने अपने पड़ोसी शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी।
एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
राजेश और दिव्या अब तक फरार
इस तिहरे हत्याकांड में ऋषभ शुक्ला, राजेश शुक्ला, गिरीश शुक्ला, दिनेश शुक्ला, मुन्ना बाबू, दिव्या, प्रिया और आदिति समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, मामले में मुख्य आरोपी समेत छह आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि राजेश शुक्ला और दिव्या शुक्ला अब तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं। उनकी तलाश तेज करने के लिए दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
पुलिस उपायुक्त पश्चिमी जितेंद्र श्रीवास्तव के अनुसार, आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उनकी तलाश में सर्विलांस और मुखबिरों की मदद भी ली जा रही है।
मृतक परिवार में पसरा मातम
तीन लोगों की मौत के बाद परिवार में दुख का माहौल है। रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार में अब कोई पुरुष सदस्य नहीं बचा है। परिवार की ओर से अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं और इसके बाद धार्मिक क्रियाकर्म शुरू हुआ।
परिवार के मुखिया शिवाजी तिवारी के फुफेरे भाई मनोज अवस्थी ने तीनों शवों को मुखाग्नि दी थी। परिजनों के मुताबिक, घर में गरुड़ पुराण का पाठ भी कराया गया। घटना के बाद इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है।
इलाके में पुलिस की निगरानी जारी
पुलिस ने बताया कि मृतकों और आरोपियों के घर आसपास होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। फिलहाल इलाके में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है।
पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। अब देखना होगा कि राजेश शुक्ला और दिव्या शुक्ला कब तक गिरफ्तार होते हैं और जांच में इस मामले से जुड़े कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और पुलिस के बयानों पर आधारित है। मामले में नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।



