
लखनऊ, अमृत विचारः डिजिटल इंडिया और स्मार्ट क्लासरूम की दिशा में सरकार लगातार प्रयासों की बात करती रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति इस लक्ष्य से अभी काफी दूर नजर आ रही है। समग्र शिक्षा योजना के तहत सभी सरकारी विद्यालयों को इंटरनेट और डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अब तक 1618 स्कूलों में से केवल 151 विद्यालयों में ही इंटरनेट कनेक्शन शुरू हो पाया है।
क्या है समग्र शिक्षा योजना?
समग्र शिक्षा योजना की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी। इसका उद्देश्य प्रीस्कूल से लेकर कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों को समान और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत 1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2026 के बीच विद्यालयों में
डिजिटल बोर्ड
स्मार्ट क्लास
इंटरनेट सुविधा
आधुनिक शिक्षण संसाधन
उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
स्कूलों की सूची न मिलने से अटका काम
बीएसएनएल के अनुसार, इंटरनेट कनेक्शन देने की प्रक्रिया शिक्षा विभाग की ओर से समय पर स्कूलों की सूची उपलब्ध न कराए जाने के कारण प्रभावित हुई।
बीएसएनएल के जनसंपर्क अधिकारी सुधीर सिंह ने कहा कि विभाग से जितने स्कूलों की सूची प्राप्त हो रही है, उन्हीं विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
डिजिटल सुविधाओं का इंतजार
नई शिक्षा नीति के तहत सरकारी विद्यालयों में भी निजी स्कूलों की तर्ज पर
सीसीटीवी
डिजिटल बोर्ड
वर्चुअल लैब
इंटरनेट आधारित शिक्षा
जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
हालांकि वर्तमान स्थिति में अनेक ग्रामीण विद्यालय अब भी पारंपरिक ब्लैकबोर्ड और पुस्तकों के सहारे ही पढ़ाई कर रहे हैं।
बीएसए ने जानकारी न होने की बात कही
जब राजधानी के सरकारी विद्यालयों में इंटरनेट कनेक्शन की धीमी प्रगति को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार से सवाल किया गया, तो उन्होंने इस संबंध में जानकारी न होने की बात कही।
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