
लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी में मेट्रो विस्तार और शहर के विकास से जुड़ी कई योजनाओं को रफ्तार देने की तैयारी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण दुबग्गा स्थित मछली मंडी को दूसरी जगह शिफ्ट कर उसकी जमीन मेट्रो डिपो के लिए उपलब्ध कराएगा।
इसके साथ ही वर्षों से लंबित प्रबंध नगर योजना को दोबारा शुरू करने और बस स्टैंड व आधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए जमीन उपलब्ध कराने समेत कई प्रस्तावों को बोर्ड से बाई सर्कुलेशन स्वीकृत कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
मछली मंडी की जमीन पर बनेगा मेट्रो डिपो
एलडीए के प्रस्ताव के मुताबिक, दुबग्गा स्थित मंडी परिषद की करीब पांच एकड़ मछली मंडी और आसपास की अन्य जमीन मेट्रो परियोजना के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बदले एलडीए मंडी परिषद को बसंतकुंज योजना के सेक्टरपी में 20 एकड़ जमीन देगा।
मछली मंडी को दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने के बाद खाली होने वाली जमीन यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को मेट्रो डिपो के निर्माण के लिए दी जाएगी। इससे मेट्रो परियोजना के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का रास्ता साफ होगा।
2005 से लंबित प्रबंध नगर योजना फिर होगी शुरू
एलडीए ने वर्ष 2005 से प्रस्तावित प्रबंध नगर योजना में दोबारा काम शुरू करने का प्रस्ताव भी तैयार किया है। यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन होने के कारण न्यायालय के आदेशों के अनुरूप आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके अलावा वीरबल साहनी मार्ग पर आधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर विकसित करने के लिए जमीन आवंटित करने का प्रस्ताव भी बोर्ड के सामने रखा जाएगा।
बसंतकुंज में बनेगा रोडवेज बस अड्डा
बसंतकुंज क्षेत्र में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से बस अड्डा विकसित करने की योजना है। इसके लिए एलडीए की ओर से जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे बाई सर्कुलेशन बोर्ड से मंजूरी दिलाने की तैयारी है। वहीं, वशिष्ठ कुंज योजना विकसित करने के लिए शासन से 400 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है। इससे इस योजना के विकास कार्यों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
नैमिष नगर और वरुण विहार योजना की लॉन्चिंग की तैयारी
एलडीए ने आगरा एक्सप्रेसवे के पास वरुण विहार और बीकेटी स्थित नैमिष नगर आवासीय योजना को लॉन्च करने की तैयारी भी पूरी कर ली है। दोनों योजनाओं का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द कर सकते हैं। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शिलान्यास कार्यक्रम के लिए समय मांगा है। शिलान्यास के साथ ही दोनों योजनाओं की लॉन्चिंग कर करीब 4 हजार भूखंडों की बिक्री के लिए पंजीयन खोलने की तैयारी है। लंबे समय से इन आवासीय योजनाओं के लॉन्च होने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह बड़ी राहत मानी जा रही है।



