नई दिल्ली : दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल गुरुवार शाम अचानक जंतरमंतर पहुंचे। वहां उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को अपना खुला समर्थन देकर सियासी हलचल तेज कर दी है। पिछले 19 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे मशहूर शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को केजरीवाल ने न सिर्फ सलाम किया, बल्कि केंद्र सरकार से उन्हें देश का नया शिक्षा मंत्री बनाने की बड़ी मांग कर डाली। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर युवाओं की आवाज नहीं सुनी गई तो बीजेपी का भी हाल 2014 में हारने वाली कांग्रेस जैसा होगा।

पुराने साथी को लगाया गले, वांगचुक की हिम्मत को किया सलाम
जंतरमंतर के मंच पर पहुंचते ही केजरीवाल ने सबसे पहले सीजेपी के संस्थापक और कभी आम आदमी पार्टी के लिए काम कर चुके अभिजीत दीपके को गर्मजोशी से गले लगा लिया। इसके बाद वह सीधे सोनम वांगचुक की ओर बढ़े और उनके करीब बैठकर काफी देर तक बातचीत करते नजर आए। केजरीवाल के साथ राज्यसभा सांसद संजय सिंह और दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भी इस दौरान मौजूद रहे। वहां मौजूद भारी भीड़ और प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वह सोनम वांगचुक के जज्बे को सलाम करते हैं। उन्होंने कहा कि वांगचुक अपने निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि देश के युवाओं और बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए अपनी जान दांव पर लगाकर 19 दिनों से अनशन कर रहे हैं।
‘अहंकार छोड़ें, वरना 3 साल बाद होगा 2014 जैसा हश्र’
आम आदमी पार्टी के मुखिया ने मंच से अन्ना हजारे के ऐतिहासिक अनशन को भी याद किया और केंद्र सरकार के रवैये पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पीएम मोदी और केंद्र सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि युवाओं, ‘कॉकरोच मूवमेंट’ और सोनम वांगचुक की जायज मांगों को तुरंत सुना जाना चाहिए। केजरीवाल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर सत्ता के नशे में सरकार ने युवाओं की अनदेखी करना जारी रखा, तो तीन साल बाद उनका भी वही हाल होगा जो 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का हुआ था। उन्होंने याद दिलाया कि उस वक्त की कांग्रेस सरकार भी भारी अहंकार में डूबी हुई थी, जिसका खमियाजा उसे भुगतना पड़ा।
‘धर्मेंद्र प्रधान दें इस्तीफा, वांगचुक संभालें शिक्षा मंत्रालय की कमान’
नीट पेपर लीक विवाद और शिक्षा व्यवस्था की खामियों को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही सीजेपी का पुरजोर समर्थन करते हुए केजरीवाल ने एक बड़ा और चौंकाने वाला प्रस्ताव रखा। उन्होंने भरे मंच से कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी को यह सीधा सुझाव देते हैं कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए या उन्हें पद से हटा दिया जाना चाहिए। उनकी जगह पर सोनम वांगचुक को देश का नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि आज देश की जर्जर शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने के लिए एक बड़ी क्रांति की जरूरत है और इस ऐतिहासिक बदलाव को केवल वांगचुक जैसा क्रांतिकारी शिक्षा मंत्री ही अंजाम दे सकता है।



