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फास्ट फैशन पर मंडराया समुद्री संकट! होर्मुज के तनाव में फंसे कपड़े, महंगे हो सकते हैं ब्रांडेड कलेक्शन

आपको लग सकता है कि होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर से गुजरने वाली मिसाइलें, आपकी फ्लीस जैकेट, लेगिंग्स और ट्रेनर जूतों से भरी अलमारी से बहुत दूर हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. आपकी अलमारी में मौजूद ज्यादातर कपड़े उसी तेल से बने होते हैं, जिसकी पूरी दुनिया को किल्लत का सामना करना पड़ रहा है.

फास्ट फैशन पर मंडराया समुद्री संकट! होर्मुज के तनाव में फंसे कपड़े, महंगे हो सकते हैं ब्रांडेड कलेक्शन

जी हां, तेल से ही पॉलिएस्टर, नायलॉन, स्पैन्डेक्स और दूसरे सिंथेटिक फाइबर का निर्माण होता है, जिनसे कपड़े तैयार होते हैं. हालांकि, पेट्रोलियम की कीमतों में उतारचढ़ाव का असर सबसे पहले पेट्रोल, डीजल और हवाई टिकटों की कीमतों पर दिखता है, लेकिन धीरेधीरे यह असर कपड़ों के बिजनेस पर भी पहुंच रहा है. सबसे सस्ते कपड़े — जैसे Shein से 1 डॉलर वाली टाइट्स या Temu से 15 डॉनर वाला कोट — पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. आइए इसके असर को विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं…

इंडस्ट्री पर पड़ रहा है असर

अब तक, फैशन इंडस्ट्री को सप्लाई करने वाली कुछ पेट्रोकेमिकल कंपनियों के लिए यह अच्छी खबर रही है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया का लगभग 18 फीसदी पॉलिएस्टर यार्न बनाने वाली टोंगकुन ग्रुप कंपनी को उम्मीद है कि जून तक के छह महीनों में उसकी नेट इनकम पिछले साल के मुकाबले तीन गुना हो जाएगी.

इसकी वजह यह हो सकती है कि कपड़ों की कंपनियां सप्लाई में रुकावट के डर से इसके प्रोडक्ट्स की कीमत बढ़ा रही हैं, जबकि कंपनी उन कच्चे माल का इस्तेमाल कर रही है जो तेल की कीमतें कम होने पर खरीदे गए थे. चीन में पॉलिएस्टर फ्यूचर्स मार्च में 25 फीसदी बढ़कर लगभग चार साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए.

वहीं दूसरी कंपनियों का हाल बुरा है. इस साल अब तक हेंगली पेट्रोकेमिकल कंपनी के शेयर लगभग एकतिहाई गिर चुके हैं. कंपनी कच्चे तेल को पॉलीमर रेजिन और फाइबर में बदलती है और टोंगकुन जैसी दूसरी कंपनियों को सप्लाई करती है. सप्लाई कम होने की वजह से उसे अपना प्रोडक्शन रोकना पड़ रहा है. अप्रैल में चीन में सिंथेटिक फाइबर का प्रोडक्शन पिछले महीने के मुकाबले 11 फीसदी गिरकर 2024 के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गया.

टोंगकुन की स्थिति भी नाजुक है. अपने वर्किंग कैपिटल के लिए शॉर्टटर्म बैंक लोन और ग्राहकों से जल्दी पेमेंट लेने पर निर्भर रहने वाली यह कंपनी कैश की कमी से बचने के लिए एक बिना रुकावट वाली सप्लाई चेन पर भरोसा करती है. ईरान में चल रहे टकराव से इस सिस्टम में रुकावट आने का खतरा है.

रीसाइकिल प्लास्टिक का इस्तेमाल

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार हालात बेहतर होने से पहले और खराब हो सकते हैं. गैसोलीन और डीजल की तुलना में, शुरुआती प्लास्टिक को वेयरहाउस, स्पूल और बोरियों में स्टोर करना काफी आसान है. इसका मतलब है कि सिस्टम में झटकों को झेलने की गुंजाइश है, कम से कम थोड़े समय के लिए तो है ही.

चीनी पॉलीमर प्रोडक्शन में कटौती उन मुख्य वजहों में से एक रही है जिनकी वजह से ग्लोबल इकोनॉमी कच्चे तेल की सप्लाई में लगभग 20 फीसदी की कमी को झेल पाई. लेकिन स्ट्रेट से शिपमेंट अभी भी लोअर लेवल पर है और सरकारी पेट्रोलियम रिजर्व से तेल निकालने का प्रोसेस भी लगातार धीमा होता जा रहा है.

जिन लोगों ने ESG इनिशिएटिवस को बेकार की चीज कहकर नजरअंदाज किया था, वे अब शायद सोच रहे होंगे कि काश उन्होंने इस मामले में पहले ही कुछ किया होता. तेल की सप्लाई में रुकावट से निपटने का सबसे अच्छा तरीका है कि वैकल्पिक मटीरियल चेन, जैसे कि रीसाइकिल किए गए फाइबर पर निर्भर रहा जाए.

इसका मतलब है कि जारा की पेरेंट कंपनी Inditex SA और Hennes & Mauritz AB, Uniqlo की पेरेंट कंपनी Fast Retailing Co. के मुकाबले रुकावटों का सामना करने के लिए बेहतर स्थिति में हो सकती हैं. उनका लगभग सारा पॉलिएस्टर रीसाइकिल किए गए मटीरियल से आता है, जबकि Uniqlo जिन खास तरह के फंक्शनल फैब्रिक में माहिर है, उनमें से आधे से भी कम रीसाइकिल किए गए मटीरियल से बनते हैं.

कॉटन का प्रोडक्शन

कॉटन जैसे नेचुरल फाइबर का इस्तेमाल करना एक और विकल्प है, लेकिन यह इंडस्ट्री भी स्ट्रेट में चल रहे टकराव के असर से बच नहीं सकती. भारत इस फाइबर का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है और फर्टिलाइजर बनाने के लिए नेचुरल गैस और यूरिया की सप्लाई के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर है.

हालांकि इसका असर अभी प्रोडक्शन पर नहीं पड़ा है, लेकिन मार्केट में हालात पहले से ही मुश्किल हैं. मई में कॉटन की कीमतें दो साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं और दुनिया भर में इसका स्टॉक कम से कम एक दशक के सबसे निचले स्तर पर जा रहा है.

2028 में दिखेगा व्यापक​ असर

हैंगर पर दिखाई देने वाली कीमतों पर असर पड़ने में कुछ समय लग सकता है. Timberland और North Face लेबल की मालिक कंपनी VF Corp. के CFO पॉल वोगेल के अनुसार, मुनाफे में कमी 2027 फाइनेंशियल ईयर के बजाय मार्च 2028 तक के साल में ज्यादा दिखाई देने की संभावना है. हालांकि, जब ऐसा होगा, तो इसका असर लंबे समय तक रहने की संभावना है. जो खरीदार डिस्पोजेबल प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें अपनी अलमारी पर एक नजर डालनी चाहिए. सिंगलयूज प्लास्टिक का सबसे बड़ा ढेर शायद वे कपड़े हों जिन्हें आपने ऑनलाइन खरीदा और फिर कभी नहीं पहना.

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