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भरूच की दवा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 5 श्रमिकों की मौत और 6 घायल; रासायनिक रिसाव की भी आशंका

भरूच की दवा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 5 श्रमिकों की मौत और 6 घायल; रासायनिक रिसाव की भी आशंका

भरूच, गुजरात: गुजरात के भरूच जिले में शुक्रवार रात एक दवा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट से हड़कंप मच गया। वागरा तालुका के सायखा जीआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित सिंजील फार्माकेम कंपनी में 15 किलोलीटर क्षमता वाले रिएक्टर में विस्फोट होने से कम से कम पांच श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना के दौरान रासायनिक गैस के रिसाव की आशंका भी जताई गई है। हालांकि, हादसे के सटीक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

रिएक्टर फटने से फैक्ट्री में मची अफरा-तफरी

जानकारी के मुताबिक, कंपनी में हाइड्रोजनीकरण प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान रिएक्टर में अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि रिएक्टर के मलबे के कुछ हिस्से कंपनी परिसर से बाहर तक जा गिरे। मशीन के पुर्जे और धातु के टुकड़े संयंत्र के अलग-अलग हिस्सों में बिखर गए।

विस्फोट के बाद मेथिलीन डाइक्लोराइड (एमडीसी) गैस के रिसाव की भी आशंका जताई गई। घटना के बाद इलाके में धूल और धुंध जैसी स्थिति बन गई। वहां मौजूद कई श्रमिकों और अन्य लोगों को आंखों में तेज जलन की शिकायत हुई। अचानक हुए इस हादसे से औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी फैल गई।

अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को इलाज के लिए भरूच तथा वडोदरा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मृतकों के शव भरूच सिविल अस्पताल ले जाए गए।

प्रशासन ने हादसे के बाद घटनास्थल की स्थिति और संभावित रासायनिक रिसाव को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कराई है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और क्या किसी तरह की सुरक्षा संबंधी चूक इसकी वजह बनी।

चार मृतकों की पहचान हुई

इस हादसे में जान गंवाने वाले पांच श्रमिकों में से चार की पहचान हो चुकी है। इनमें शिफ्ट इंचार्ज जयदीप पटेल (27), अनिकेत कुमार हरिकिशोर (24), अर्जुन रामसिंह गौतम (20) और वागरा निवासी वृंद तलविया शामिल हैं। पांचवें मृतक की पहचान की पुष्टि की जा रही है।

भरूच की उपमंडल मजिस्ट्रेट मनीषा मनानी के अनुसार, विस्फोट हाइड्रोजनीकरण प्रक्रिया के दौरान हुआ। फिलहाल घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है।

सुरक्षा मानकों की भी होगी जांच

गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) और औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें विस्फोट और संभावित रासायनिक रिसाव की जांच कर रही हैं। जांच में यह भी देखा जाएगा कि फैक्ट्री में लागू औद्योगिक सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं, रसायन कितनी मात्रा में लीक हुए और क्या किसी लापरवाही के कारण श्रमिकों की जान गई।

बताया गया है कि कंपनी ने 53 कर्मचारियों के साथ कामकाज शुरू किया था और यह इकाई सायखा औद्योगिक क्षेत्र में एक साल से भी कम समय से संचालित थी। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वजह और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

सत्या रिपोर्ट की ओर से: यह समाचार उपलब्ध रिपोर्टों और अधिकारियों के शुरुआती बयानों पर आधारित है। विस्फोट के कारणों और संभावित सुरक्षा चूक की पुष्टि संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

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