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Mathura: बांके बिहारी मंदिर में चांदी के घोड़े चोरी का दावा, सेवायतों ने आरोपों को किया खारिज

Mathura Banke Bihari Temple Controversy: मथुरा के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर एक बार फिर विवादों में आ गया है। मंदिर की हाई पावर कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि मंदिर से बड़ेबड़े चांदी के घोड़े चोरी हो गए हैं। उन्होंने इसे अत्यंत गंभीर मामला बताते हुए इसकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

Mathura: बांके बिहारी मंदिर में चांदी के घोड़े चोरी का दावा, सेवायतों ने आरोपों को किया खारिज
Mathura: बांके बिहारी मंदिर में चांदी के घोड़े चोरी का दावा, सेवायतों ने आरोपों को किया खारिज

सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं से भी जुड़ा विषय

दिनेश गोस्वामी का कहना है कि मंदिर से बहुमूल्य चांदी के घोड़ों का गायब होना केवल चोरी का मामला नहीं, बल्कि सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं से भी जुड़ा विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मंदिर की देहरी पूजन की परंपरा को तोड़ा गया और अब चार नए सेवायतों की नियुक्ति भी परंपराओं में बदलाव के उद्देश्य से की गई है। उनके अनुसार यह घटनाक्रम श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित करने वाला है।

अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी प्रकरण से भी अधिक गंभीर मामला

गोस्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है तथा अब तक दोषियों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बांके बिहारी मंदिर से हुई कथित चोरी, अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी प्रकरण से भी अधिक गंभीर है। उनका कहना है कि पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आएं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो सके।

इस प्रकरण का निष्पक्ष खुलासा आवश्यक

उन्होंने और संबंधित अधिकारियों से मांग की कि कथित चोरी की विस्तृत जांच कर श्रद्धालुओं को पूरे मामले की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाए। उनका कहना है कि मंदिर की गरिमा, परंपराओं और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए इस प्रकरण का निष्पक्ष खुलासा आवश्यक है।

इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई

हालांकि, दिनेश गोस्वामी द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। समाचार लिखे जाने तक मंदिर प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कोई की सेवायत ज्ञानेंद्र किशोर गोस्वामीने कहा है कि मंदिर सेवायतों की तरफ से कोई परंपरा नहीं टूटी है, और ना मंदिर से घोड़ा चोरी हुई है रेलिंग की बजह से रथ नही सजाया जा रहा और यह रथ कोई चलने वाला रथ नही है, प्रतिबिंम्ब रथ है और यह रथ बाँके बिहारी ज़ी मंदिर का नही है, मंदिर सेवायत के यजमानों द्वारा निजी ट्रस्ट के लिए दान दिया था,

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