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महबूबबाद हत्याकांड: क्या पति का फोन न उठाना इतना​​​​​​ कठोर फैसला है? माँ..

महबूबबाद हत्याकांड: क्या पति का फोन न उठाना इतना​​​​​​ कठोर फैसला है? माँ..

महबूबबाद हत्याकांड: यह एक ऐसी घटना है जो दर्शाती है कि समय के साथ लोगों के बीच के रिश्ते और भावनाएं भी बदल जाती हैं। एक युवा विवाहित महिला का आवेगपूर्ण निर्णय, मात्र इसलिए कि उसके पति ने फोन नहीं उठाया, एक दुखद घटना में तब्दील हो गया।

महबूबबाद के जिला मुख्यालय में एक दुखद घटना घटी। पति द्वारा फोन न उठाने जैसी मामूली बात से नाराज होकर एक युवती ने गुस्से में आकर चूहे मारने की दवा खाकर आत्महत्या कर ली। अस्पताल में इलाज करा रही पीड़िता ने सोमवार तड़के दम तोड़ दिया। इस घटना से स्थानीय स्तर पर गहरा सदमा फैल गया है।

महबूबबाद अपराध: घर पर वीडियो कॉल विवाद

वारंगल जिले के नेकोंडा मंडल के बोलिकोंडा गांव की निवासी अखिला की शादी दो साल पहले महबूबबाद में हाउसिंग फाइनेंस मैनेजर बनोथ हुसैन से हुई थी। उनका एक बच्चा है। अखिला, जो हाल ही में अपने गृहनगर लौटी हैं, ने इस महीने की 2 तारीख को अपने बच्चे के रोने पर अपने पति को वीडियो कॉल किया। हालांकि, हुसैन द्वारा कॉल न उठाने पर वह बेहद परेशान हो गईं।

ससुराल आई युवती ने चूहे मारने का जहर खा लिया

पति द्वारा फोन न उठाने पर अखिला तुरंत महबूबबाद स्थित अपने ससुराल पहुंची और गहरे दुख में उसने चूहे मारने की दवा का पेस्ट खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। मामला सामने आते ही परिवार वालों ने उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उसने कुछ दिनों तक मौत से लड़ाई लड़ी और सोमवार तड़के उसकी हालत बिगड़ने पर उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है।

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