Chhattisgarh

बदमाशों ने घर में घुसकर की ताबड़तोड़ फायरिंग, कांग्रेस नेता के बेटे की हत्या… दूसरा घायल

Satya Report: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में देर रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां तीन अज्ञात हमलावरों ने एक स्थानीय कांग्रेस नेता के घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस हमले में उनके एक बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस ने शुक्रवार को घटना की पुष्टि की.

बदमाशों ने घर में घुसकर की ताबड़तोड़ फायरिंग, कांग्रेस नेता के बेटे की हत्या… दूसरा घायल
बदमाशों ने घर में घुसकर की ताबड़तोड़ फायरिंग, कांग्रेस नेता के बेटे की हत्या… दूसरा घायल

जानकारी के अनुसार, यह घटना बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव में रात करीब 12:30 बजे हुई. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीन नकाबपोश हमलावर मोटरसाइकिल से पहुंचे और सीधे सम्मेलाल कश्यप के घर में घुस गए. सम्मेलाल कश्यप सीमेंट और रेत के कारोबारी हैं और कांग्रेस की ब्लॉक इकाई के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके हैं. .

हमलावरों ने घर में घुसते ही कश्यप के दोनों बेटों को निशाना बनाकर गोलीबारी शुरू कर दी. इस दौरान 19 वर्षीय आयुष कश्यप को सीने में दो गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. वहीं 16 वर्षीय आशुतोष कश्यप के हाथ में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया. उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके में नाकेबंदी कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी. आसपास के जिलों को भी अलर्ट कर दिया गया है. पुलिस ने फोरेंसिक और साइबर टीमों को जांच में लगाया है और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. फिलहाल हमले के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है और सभी पहलुओं पर जांच जारी है.

घायल आशुतोष ने बताया कि वह रात करीब 10 बजे खाना खाकर सो गया था, जबकि उसका बड़ा भाई आधी रात के आसपास घर लौटा था. रात करीब 12:34 बजे उसकी मां ने उसे फोन कर जगाया. जैसे ही वह उठा, कमरे में तीन हथियारबंद लोग मौजूद थे, जिन्होंने उस पर फायरिंग कर दी. उसके हाथ में गोली लगी. इसके बाद हमलावरों ने उसके भाई पर भी गोलियां चला दीं.

आशुतोष के मुताबिक, जब उसकी बहन ने भाई को बचाने की कोशिश की तो हमलावरों ने बंदूक तानकर पैसे और मोबाइल की मांग की. घर में मौजूद थोड़ी नकदी (करीब 50-60 रुपये) और बहन का मोबाइल उन्होंने दे दिया. वारदात के बाद आरोपी बाहर से कमरों के दरवाजे बंद कर फरार हो गए.

बाद में आशुतोष ने अपने चचेरे भाइयों को फोन कर बुलाया, जिन्होंने आकर दरवाजा खोला. आशुतोष ने लूट को हमले की मुख्य वजह मानने से इनकार किया, क्योंकि हमलावर बहुत कम नकदी लेकर गए. फिलहाल पुलिस इस हमले के पीछे की साजिश और कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply