उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए शिक्षक और स्नातक चुनाव की मतगणना के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. अखिलेश यादव का दावा है कि एमएलसी चुनाव में उनके प्रत्याशियों को हराने के लिए मतगणना में गड़बड़ी की गई और प्रशासन के स्तर पर भी पक्षपात हुआ. आगरा में सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश ने चुनाव आयोग, प्रशासन, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति से संज्ञान लेने की मांग की.

वहीं, गोरखपुरफैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में डॉ. संजयन त्रिपाठी को हराने की साजिश का आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा. एमएलसी चुनाव में आरोपप्रत्यारोप के बीच नतीजों और रुझानों की तस्वीर भी सामने आ रही है. मेरठ की दोनों सीटों और बरेलीमुरादाबाद शिक्षक सीट पर बीजेपी ने जीत दर्ज की, जबकि वाराणसी शिक्षक सीट समाजवादी पार्टी के खाते में गई. आगरा शिक्षक सीट पर भी सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल बढ़त बनाए हुए हैं.
मतगणना पर अखिलेश के आरोप
एमएलसी चुनाव की मतगणना के बीच अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला तेज कर दिया है. अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और उसके साथ जुड़े लोगों ने एमएलसी चुनाव जीतने के लिए हर हद पार की. अखिलेश ने लिखा कि डॉ. संजयन त्रिपाठी को मतगणना में गड़बड़ी करके हराने की साजिश सामने आ गई है.
अखिलेश ने इस कथित साजिश के पीछे राजनीतिक वजह बताते हुए कहा कि संजयन त्रिपाठी को सिर्फ इसलिए निशाना नहीं बनाया गया कि वह समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हैं, बल्कि इसके पीछे हाता नहीं भाता भी एक कारण है. अखिलेश ने बीजेपी पर चुनाव में वोट के बजाय गड़बड़ी के सहारे जीतने का आरोप लगाया. उन्होंने लिखा कि बीजेपी वोट से नहीं, खोट से जीतती है. अखिलेश ने संजयन त्रिपाठी के साथ हुए कथित उत्पीड़न और उनके भावुक होने का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षक समाज इसे नहीं भूलेगा.
भ्रष्ट भाजपाई और उनके षड्यंत्रकारी संगीसाथी व संलिप्त अधिकारी एमएलसी चुनाव जीतने के लिए जिस हद तक गिर सकते थे गिर गये हैं। डॉ. संजयन त्रिपाठी को हराने की साज़िश सबके सामने खुल गई है।
डॉ. संजयन त्रिपाठी को मतगणना में घपला करके हराने का कारण सिर्फ़ ये नहीं है कि वो सपा के उम्मीदवार हैं बल्कि इसके पीछे हाता नहीं भाता मुख्य कारण है।
राजनीति के मामले में भाजपा पातालमुखी हो चुकी है। इतनी बड़ी जालसाज़ी के बाद जनता को ये समझ आ गया है कि भाजपा दरअसल हर सीट पर हारी है।
भाजपाई वोट से नहीं खोट से जीतते हैं।
डॉ. संजयन त्रिपाठी जी का जिस प्रकार उत्पीड़न किया गया है, उसे उनका पूरा समाज देख रहा है। डॉ त्रिपाठी जी के आँसू उनका समाज और प्रदेश का कोई शिक्षक नहीं भूलेगा।
शिक्षकों को भाजपा में अपमान के सिवा कुछ और नहीं मिला है। शिक्षकों से चारा इकट्ठा करने तक का जो निकृष्टतम अवांछित काम करवाने का षड्यंत्र किया गया, उसे हर शिक्षक हमेशा याद रखेगा और 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को हराकर अपना गुरु संकल्प पूरा करेगा।
भाजपा की चार सौ बीसी, चार सौ तीन सीटों पर नहीं चलेगी।
हम डॉ. संजयन त्रिपाठी जी और उनके समाज के साथ हो रहे हर अन्याय और उत्पीड़न के विरुध्द, भाजपा के ख़िलाफ़ साथ में खड़े हैं और खड़े रहेंगे।
— Akhilesh Yadav October 28, 2026
आगरा में आकाश अग्रवाल के साथ व्यवहार पर सवाल
अखिलेश यादव ने इससे पहले आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल को लेकर भी सवाल उठाए थे. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में पूछा कि जीत की ओर बढ़ रहे सपा प्रत्याशी के साथ बीजेपी के लोगों द्वारा कथित तौर पर किया गया व्यवहार कितना जायज है. अखिलेश ने प्रशासन से डॉ. आकाश अग्रवाल को तत्काल जीत का प्रमाणपत्र देने की मांग की. उन्होंने चुनाव आयोग और प्रशासन से जागने की अपील करते हुए सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति से भी मामले का संज्ञान लेने को कहा.
इस मामले को सामाजिक समीकरणों से जोड़ते हुए अखिलेश ने कहा कि PDA में A का मतलब अब अग्रवाल भी है. उन्होंने दावा किया कि डॉ. अग्रवाल के साथ कथित दुर्व्यवहार और हिंसा के वीडियो देखकर अग्रवाल समाज में नाराजगी है. इसी आधार पर उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी किसी की सगी नहीं है. आगरा में आकाश अग्रवाल और बीजेपी के हरि किशोर तिवारी के बीच मुकाबला है. सपा नेताओं का कहना है कि आकाश अग्रवाल चुनाव जीत गए हैं.
संजयन त्रिपाठी का मामला और शिक्षक समाज की नाराजगी
गोरखपुरफैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में डॉ. संजयन त्रिपाठी को लेकर अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उन्हें मतगणना में गड़बड़ी के जरिए हराने की कोशिश की गई. उन्होंने बीजेपी पर शिक्षकों का अपमान करने और उनसे अवांछित काम करवाने का भी आरोप लगाया. अखिलेश ने अपने पोस्ट में शिक्षकों से चारा इकट्ठा करने तक का काम करवाने के कथित षड्यंत्र का जिक्र किया और कहा कि शिक्षक समाज 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगा. उन्होंने इसे गुरु संकल्प पूरा करने से जोड़ा.
11 सीटों का चुनाव, शुरुआती तस्वीर क्या कहती है?
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव हुआ. मतदान 23 अक्टूबर को हुआ था और मतगणना 27 अक्टूबर को शुरू हुई. चुनाव में कुल 152 उम्मीदवार मैदान में थे. बीजेपी मेरठ शिक्षक, मेरठ स्नातक, बरेलीमुरादाबाद शिक्षक और लखनऊ शिक्षक सीट जीत चुकी थी. समाजवादी पार्टी ने वाराणसी शिक्षक सीट पर जीत दर्ज की थी. आगरा शिक्षक सीट पर सपा के आकाश अग्रवाल आगे हैं.
भाजपा की जीत और आगे
1मेरठ शिक्षक जीत
2मेरठ स्नातकजीत
3बरेलीस्नातकजीत
4लखनऊशिक्षकजीत
5आगरास्नातकआगे
6गोरखपुरशिक्षकआगे
सपा की जीत और आगे
1वाराणसी शिक्षक जीत
2वाराणसी स्नातकआगे
3झांसीस्नातक,आगे
4आगरा शिक्षक आगे
5लखनऊ स्नातक आगे



