Modi Nabin New Team: भारतीय जनता पार्टी में लंबे समय से प्रतीक्षित संगठनात्मक फेरबदल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्रीय कैबिनेट में विस्तार का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। बुधवार, 15 जुलाई की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास लोक कल्याण मार्ग में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के बीच हुई अहम बैठक के बाद पार्टी संगठन और सरकार में बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं।

अमित शाह और एकनाथ शिंदे की बैठक
बीजेपी की यह उच्चस्तरीय बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को पंजाब दौरे से एक दिन पहले और उनके इंडोनेशिया आस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड के विदेश दौरे से लौटने के बाद हुई। इस बैठक से पहले दिन में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने बेटे श्रीकांत शिंदे के साथ शिवसेना के सभी 13 सांसदों के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक की।
केंद्रीय गृह मंत्री से मिले योगी
इससे पहले 14 जुलाई को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अमित शाह से मुलाकात की थी। यह बैठक राज्य में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों और पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों के मद्देनजर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नितिन की नई टीम का ऐलान इसी हफ्ते
सूत्रों के अनुसार 15 जुलाई की रात प्रधानमंत्री आवास में हुई बैठक में बीजेपी केंद्रीय संगठन की नई टीम को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई। कई घंटे तक चली इस बैठक के बाद दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि नितिन नवीन की नई संगठनात्मक टीम का ऐलान इसी सप्ताह किया जा सकता है। बीजेपी संगठन में यह पुनर्गठन संसद के मानसून सत्र से पहले पूरा होने की संभावना है। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक प्रस्तावित है।
फेरबदल का होमवर्क पूरा
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ सप्ताह से पार्टी संगठन के ढांचे में बदलाव और विभिन्न पदों पर नियुक्तियों को लेकर कई दौर की चर्चाएं हो चुकी हैं। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे के कारण प्रस्तावित बदलाव और नितिन नवीन की टीम को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया था।
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संगठन के बाद कैबिनेट में फेरबदल
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि बीजेपी के संगठनात्मक बदलाव के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी बड़ा फेरबदल किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि विभिन्न राज्यों में कुछ केंद्रीय राज्य मंत्रियों को संगठन की जिम्मेदारियां दिए जाने के कारण मंत्रिपरिषद में कुर्सियां खाली हुई हैं,, जिन्हें नई नियुक्तियों के जरिए भरा जा सकता है।
पार्टी नेतृत्व इस बार महिलाओं और युवा नेताओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व देने के साथसाथ विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और लंबे संगठनात्मक अनुभव रखने वाले लोगों को भी टीम में शामिल करने पर जोर दे सकता है।
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