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मोजतबा तो 90 फीसदी खत्म; अमेरिका-ईरान में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा

अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान आया है। ट्रंप ने कहाकि मोजतबा खामेनेई तो 90 फीसदी खत्म हो चुके हैं। ट्रंप ने आगे कहाकि ईरान पहले ही अपनी नेवी, एयर फोर्स, एयर डिफेंस सिस्टम और अपने टॉप मिलिट्री कमांडर्स को खो चुका है। उन्होंने कहाकि अमेरिका से युद्ध के दौरान ईरान की सैन्य क्षमता बुरी तरह से प्रभावित हुई है। गौरतलब है कि हाल ही में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि इस दौरान मोजतबा खामेनेई मौजूद नहीं थे। उनकी नामौजूदगी को लेकर तरहतरह के कयास लगाए जा रहे थे।

मोजतबा तो 90 फीसदी खत्म; अमेरिका-ईरान में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा

मोजतबा कहां हैं?
डोनाल्ड ट्रंप ईरान की क्षमताओं पर बात कर रहे थे। उन्होंने फॉक्स न्यूज से कहाकि ईरान के पास ना तो नेवी है और ना ही एयरफोर्स। यह सब खत्म हो चुका है। ट्रंप ने कहाकि उनके बड़ेबड़े नेता जा चुके हैं। खामेनेई पहले ही जा चुके हैं। अब उनका बेटा भी 90 फीसदी खत्म है। गौरतलब है कि अपने पिता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा को ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया है। हालांकि पिछले काफी समय से वह सार्वजनिक जीवन से दूर हैं। उन्हें किसी भी मौके पर देखा नहीं गया है। इतना ही नहीं, मोजतबा अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुए थे। ताजा जानकारी के मुताबिक मोजतबा खामेनेई को अमेरिकी हमले में गहरी चोटें लगी हैं और वह इससे उबर रहे हैं।

फिर भिड़े अमेरिका और ईरान
ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिका और ईरान फिर से एकदूसरे के आमनेसामने हैं। दोनों के बीच मिसाइल और ड्रोन से हमले हुए हैं। वहीं, इस तनाव का असर होर्मुज पर भी पड़ा है। ईरान ने व्यावसायिक जहाजों पर हमले कर और जहाजरानी कंपनियों को डराकर इस मार्ग पर अपना दबदबा बनाए रखने की कोशिश की है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए 60 दिन के अंतरिम समझौते की अवधि लगभग आधी पूरी हो चुकी है। इस समझौते का उद्देश्य युद्ध के स्थायी समाधान के लिए वार्ता शुरू करना था, लेकिन इसके बजाय होर्मुज और इसके भविष्य को लेकर दोनों पक्षों के बीच लगातार हमले हो रहे हैं। इससे विश्व नेताओं की यह आशंका बढ़ गई है कि ईरान युद्ध फिर पूरी तरह भड़क सकता है।

ईरान ने खारिज किया अमेरिका का दावा
अमेरिकी सेना की मध्य कमान ने बताया कि सोमवार को किए गए हमलों में उसने दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, रडार केंद्र, मिसाइल और ड्रोन संबंधी उपकरण तथा छोटी नौकाएं शामिल हैं। सेंटकॉम ने कहाकि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस पर ईरान का नियंत्रण नहीं है। वहीं, ईरान के अर्धसैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने अमेरिका के इस दावे को सिरे से खारिज किया। ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता पर इसी बल का नियंत्रण है। गार्ड ने कहाकि होर्मुज जलडमरूमध्य हमारा क्षेत्र है और हम दुनिया के दूसरे छोर से आई एक बेलगाम तथा बच्चों की जान लेने वाली सेना को अपना अवैध हस्तक्षेप जारी रखने की अनुमति नहीं देंगे।

ट्रंप ने कहा फिर करेंगे नाकेबंदी
उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका होर्मुज में ईरान की नाकेबंदी फिर लागू कर रहा है और सुरक्षित आवाजाही के लिए वह जहाजों से शुल्क वसूल करेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहाकि ईरान के जहाज अब यहां से गुज़र नहीं पाएंगे और अमेरिका 20 प्रतिशत शुल्क लगाएगा। ट्रंप ने कहाकि हम ईरान की नाकेबंदी फिर लागू कर रहे हैं। इसे यह नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि यह सिर्फ़ ईरान के जहाजों या ग्राहकों को आनेजाने से रोकती है। बाकी सभी देश इस जलडमरूमध्य का निष्पक्ष और खुला इस्तेमाल कर सकेंगे।

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