नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार से होने जा रही है। इससे पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के संकेत साफ दिखाई दिए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकार ने सभी दलों से सदन को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।

वहीं, विपक्ष ने साफ कर दिया कि वह राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोप, सहित अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरेगा। वहीं, सरकार राज्यसभा में एक बिल पेश करेगी, जिसके तहत ‘वन्दे मातरम्’ का अपमान करना या इसके गायन में बाधा डालना आपराधिक जुर्म माना जाएगा। इसमें 3 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।
सरकार ने सभी दलों से सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की तो विपक्ष ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरने का अपना इरादा साफ कर दिया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश पहले ही कह चुके हैं कि उनकी पार्टी एफसीआरए संशोधन विधेयक, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन, परिसीमन जैसे मुद्दों का विरोध करेगी। सत्र से पहले सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेताओं की बैठक में सरकार को घेरने की रणनीति बनेगी।
DMK ने दक्षिणी राज्यों के हितों का मुद्दा उठाया
बैठक में DMK ने कहा कि वह ऐसे परिसीमन प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगी जिससे दक्षिण के राज्यों के हित प्रभावित हों। पार्टी ने मांग की कि परिसीमन पर रोक 25 वर्ष और बढ़ाई जाए। सूत्रों के अनुसार, DMK के लोकसभा नेता टी.आर. बालू ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसे मौजूदा लोकसभा सीटों पर लागू किया जाए। राज्यसभा सांसद तिरुचि शिवा ने कहा कि परिसीमन दक्षिणी राज्यों के हितों के खिलाफ हुआ तो उनकी पार्टी 25 वर्ष परिसीमन पर रोक बढ़ाने की मांग करेगी।
राम मंदिर दान चोरी का मुद्दा भी उठा
सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस, SP और TMC समेत कई विपक्षी दलों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाया। कांग्रेस के लोकसभा उपनेता गौरव गोगोई और समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने इसे गंभीर मामला बताते हुए संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।
‘सार्थक चर्चा के साथ विधेयक पारित कराएं’
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सभी दलों को विधेयकों को सार्थक चर्चा के साथ पारित करना चाहिए। रिजिजू ने NCPI को बैठक में बुलाने के फैसले को उचित करार दिया। कहा कि इस समूह ने लोकसभा अध्यक्ष से अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की थी।
शुरू में विपक्ष ने किया वॉकआउट
तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के नए समूह NCPI को सर्वदलीय बैठक में बुलाने के विरोध में विपक्षी दलों ने प्रतीकात्मक रूप से वॉकआउट किया। हालांकि कुछ मिनट बाद वे दोबारा बैठक में शामिल हो गए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सभी विपक्षी दलों ने कुछ मिनटों के लिए सर्वदलीय बैठक से वॉकआउट किया। यह मोदी सरकार की ओर से एनसीपीआई को सर्वदलीय बैठक में बुलाए जाने के विरोध में था। वहीं, तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि अभी तक NCPI मान्यता प्राप्त पार्टी नहीं है।
‘वांगचुक और छात्र आंदोलन पर घेरेंगे’
विपक्षी दलों ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन और उनके साथ पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि सरकार गंभीर विश्वसनीयता संकट का सामना कर रही है। उन्होंने नागरिकता संबंधी दस्तावेज को लेकर पैदा हुई आशंकाओं का भी मुद्दा उठाया। विपक्ष ने संकेत दिया कि पहले दिन नीट और सीबीएसई विवाद को लेकर छात्रों के प्रस्तावित संसद मार्च का समर्थन करेंगे। विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को उठाएगा।
सभी दलों के प्रतिनिधियों संग स्पीकर की बैठक
रविवार शाम लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में बिजनेस एडवाइजरी कमिटी की मीटिंग हुई। स्पीकर ने सभी दलों के प्रतिनिधियों को जनहित के मुद्दों पर विचार रखने के लिए बुलाया। सरकार और सभी दलों के सदस्यों ने सेशन में उठाए जाने वाले कानूनी और दूसरे कामों पर अपने विचार साझा किए। स्पीकर ने अपील की कि कार्यवाही सुचारू तरीके से चलाने में सभी दल सहयोग दें।



