
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में औषधि विभाग की कार्रवाई के दौरान गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की बड़ी खेप बरामद की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई में 19 हजार से ज्यादा किट जब्त की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 92 लाख रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं का स्टॉक मिलने के बाद प्रशासन ने इनके स्रोत और सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
सूचना के बाद औषधि विभाग ने की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, औषधि विभाग को दवाओं के बड़े स्टॉक को लेकर सूचना मिली थी। इसके बाद मंगलवार को संबंधित टीम ने कार्रवाई की। जांच के दौरान बड़ी संख्या में गर्भपात किट बरामद हुईं।
अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई किटों की संख्या 19 हजार से अधिक है और इनकी अनुमानित कीमत करीब 92 लाख रुपये आंकी गई है।
इतनी बड़ी मात्रा में स्टॉक मिलने पर उठे सवाल
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में किट मिलने के बाद अब जांच का मुख्य फोकस इनके स्रोत और सप्लाई चैन पर है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि दवाएं कहां से मंगाई गई थीं और इंदौर में इन्हें किन स्थानों पर भेजा जाना था।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि दवाओं की खरीद और भंडारण से जुड़े नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
उषा ठाकुर ने उठाए सवाल
भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने मामले को गंभीर बताते हुए पूरे नेटवर्क की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की पर्ची के आधार पर दी जाने वाली दवाओं का इतना बड़ा स्टॉक मिलने की परिस्थितियों की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने दवाओं के स्रोत, उन्हें इंदौर तक पहुंचाने वालों और संभावित सप्लाई नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
नवरात्रि से पहले बरामदगी पर भी चर्चा
नवरात्रि से ठीक पहले इतनी बड़ी मात्रा में गर्भपात किट बरामद होने के बाद मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विधायक उषा ठाकुर ने इस बात की भी जांच की मांग की है कि इतनी बड़ी खेप कब और किस उद्देश्य से जमा की गई थी।
हालांकि, इन दवाओं को किसी विशेष उद्देश्य या स्थान पर भेजे जाने की बात जांच पूरी होने से पहले निश्चित रूप से नहीं कही जा सकती।
प्रशासन खंगाल रहा दवाओं का पूरा नेटवर्क
कलेक्टर शिवम वर्मा के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद संबंधित विभाग की टीम ने कार्रवाई की। अब बरामद दवाओं के स्रोत और उनके संभावित सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है।
प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि ये दवाएं कहां से आईं, इन्हें किसने मंगाया और इन्हें आगे कहां भेजा जाना था। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
19 हजार से अधिक गर्भपात किट की बरामदगी के बाद अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। संबंधित विभाग दस्तावेजों, दवाओं के स्रोत और सप्लाई से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रहा है।
फिलहाल, प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं का स्टॉक किस उद्देश्य से रखा गया था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।



