Gujarat Crime News: गुजरात के राजकोट जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है. यहां गोंडल तालुका के गुंडाला गांव में एक मातापिता ने ही अपने 22 वर्षीय सगे बेटे को खौफनाक मौत दे डाली. हैरान करने वाली बात यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद परिवार ने इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की थी. लेकिन पुलिस की सूझबूझ, फॉरेंसिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और 20 वर्षीय नवविवाहित बहू की शिकायत के बाद इस दोहरे अपराध का पर्दाफाश हो गया.

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी मातापिता को गिरफ्तार कर लिया है. मृतक की पहचान 22 वर्षीय राम बांभवा के रूप में हुई है, जो कि बेरोजगार था. इस पूरे हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब मृतक राम की पत्नी बंसी ने हिम्मत दिखाई और गोंडल तालुका थाने में अपने ही सासससुर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया.
एफआईआर के मुताबिक बंसी और राम की शादी महज पांच महीने पहले ही हुई थी. राम को शराब पीने की बुरी लत थी और वह अक्सर शराब के नशे में धुत होकर अपने पिता से झगड़ा करता था. 29 जून को राम अपनी पत्नी बंसी के साथ अपने ससुराल गया था. वहां भी उसने अत्यधिक शराब पी ली और अपने ससुर के साथ विवाद करने लगा. इसके बाद बंसी के पिता ने राम के पिता बाबू बांभवा को फोन करके उसे अपने घर से ले जाने के लिए कहा.
‘मां ने मुंह में उड़ेला तेजाब’
अगले दिन, जब बंसी अपने मायके में ही थी, उसे सूचना मिली कि राम ने तेजाब पीकर आत्महत्या कर ली है. परिवार ने आननफानन में उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया. अंतिम संस्कार खत्म होने के बाद बंसी को उसके ससुराल पक्ष के ही कुछ करीबियों ने अंदरूनी सच्चाई बताई. उन्होंने बताया कि 30 जून को राम जब भयंकर नशे में घर लौटा तो पिता के साथ उसकी हिंसक झड़प हुई. विवाद के दौरान आपा खोकर राम की मां मनीषा उर्फ मोटी बांभवा ने उसके मुंह में जबरन तेजाब उड़ेल दिया.
पिता ने घोंटा गला
तेजाब पेट में जाते ही जब राम तड़पने लगा और चिल्लाने की कोशिश की, तो उसके पिता बाबू उर्फ अतुल बांभवा ने उसका मुंह बंद कर दिया और गला घोंटकर उसकी जान ले ली. बंसी ने आरोप लगाया कि उसके सासससुर ने उसे मुंह बंद रखने की सख्त चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर यह सच बाहर आया तो खानदान की इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी.
फॉरेंसिक रिपोर्ट ने खोली पोल; घोंटा गया था गला
राजकोट के पुलिस अधीक्षक विजय सिंह गुर्जर ने बताया कि मौत की परिस्थितियां शुरू से ही संदिग्ध लग रही थीं, जिसके कारण पुलिस ने सामान्य के बजाय फॉरेंसिक पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया. एसपी गुर्जर के मुताबिक, “फॉरेंसिक जांच में मृतक के गले पर गला घोंटने के स्पष्ट निशान पाए गए. डॉक्टरों ने पुष्टि की कि मौत की असली वजह गला घोंटना था, न कि तेजाब का सेवन. मृतक की पत्नी के बयान ने भी इस वैज्ञानिक रिपोर्ट का पूरी तरह समर्थन किया.” मामले के जांच अधिकारी यू आर डामोर ने बताया कि दोनों मुख्य आरोपियों को 2 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया था और 3 जुलाई को उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया.
पुलिस को मिले ये सबूत
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई तेजाब की बोतल बरामद कर ली है. घटना के वक्त आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े जब्त कर लिए गए हैं. बिस्तर की वह चादर भी फॉरेंसिक टीम ने कब्जे में ली है, जिस पर तेजाब पीने के बाद पीड़ित की उल्टी के दाग लगे थे.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक राम बेरोजगार था और काम की तलाश में था, जबकि उसका पिता बाबू गांव में ही एक चाय का ठेला चलाता था. रोजरोज के शराबी झगड़ों से तंग आकर मातापिता ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.


