
जब भी हम किसी के घर की कल्पना करते हैं, तो हमारे दिमाग में ईंट, सीमेंट और छत से बनी एक ऐसी इमारत आती है, जो जमीन के ऊपर खड़ी होती है. लेकिन दुनिया में एक ऐसी जगह भी है, जहां लोग जमीन के ऊपर घर बनाने के बजाय जमीन के अंदर गड्ढा खोदकर रहते हैं. ये बिल्कुल पाताल लोक का अहसास दिलाता है. हम बात कर रहे हैं ट्यूनीशिया के दक्षिणी इलाके में बसे मातमाता (Matmata) नाम के एक छोटे से गांव की, जो अपनी इसी अनोखी बनावट की वजह से पूरी दुनिया में जाना जाता है. आमतौर पर गर्म इलाकों में लोग गर्मी से बचने के लिए पहाड़ों को काटकर गुफाएं बनाते हैं. लेकिन मातमाता गांव के बर्बर समुदाय के लोगों ने बिल्कुल अलग तरीका अपनाया. उन्होंने पहाड़ की दीवारों को काटने के बजाय सीधी जमीन में ही एक बहुत बड़ा और गहरा गड्ढा खोद दिया.
इस बड़े गड्ढे को वे अपने घर का आंगन बनाते हैं और फिर उस गड्ढे की अंदरूनी दीवारों को खोदकर चारों तरफ कमरे तैयार करते हैं. कई बार तो आसपास बने ऐसे कई गड्ढों को आपस में जोड़ने के लिए जमीन के नीचे ही खंदक जैसी सुरंगें बना दी जाती हैं, जिससे यह पूरा इलाका एक बड़ी भूलभुलैया जैसा लगता है. अब सवाल यह उठता है कि जमीन के अंदर इतने बड़े गड्ढे और कमरे खोदना कैसे आसान हुआ? दरअसल, मातमाता का यह पूरा इलाका बलुआ पत्थर की एक ऐसी परत पर बसा है जो बहुत ही नरम होती है. इसे हाथ के साधारण औजारों से भी आसानी से खोदा जा सकता है. लेकिन खास बात यह है कि यह पत्थर जितना खोदने में आसान है, सदियों तक बिना गिरे टिके रहने में उतना ही मजबूत भी है. बर्बर समुदाय के लोग पिछले एक हजार से भी ज्यादा सालों से इसी तरीके से जमीन के अंदर अपने आशियाने बनाते आ रहे हैं.

आखिर क्यों बनाए पाताल लोक में घर?
इतिहास के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि यह इलाका लीबिया और ट्यूनीशिया के बीच का एकमात्र मैदानी रास्ता हुआ करता था. इस वजह से पुराने जमाने में विदेशी हमलावर बार-बार यहां से गुजरते थे और लूटपाट मचाते थे. हमलावरों से अपनी जान और माल बचाने के लिए बर्बर समुदाय के लोगों ने सुरक्षा के लिहाज से जमीन के नीचे एक तरह से पाताल लोक में छिपकर रहना शुरू किया. शुरुआत में वे पहाड़ियों पर छिपते थे, लेकिन बाद में जब अरब हमलावरों के साथ उनके रिश्ते सुधरे, तो वे नीचे के मैदानी इलाकों में आए और जमीन के अंदर गड्ढे वाले ये घर बनाने लगे. मातमाता गांव की एक और बड़ी पहचान यह भी है कि इसका कनेक्शन हॉलीवुड से बहुत गहरा है.
दुनिया भर में मशहूर फिल्म स्टार वॉर्स की शूटिंग इसी गांव में हुई थी. फिल्म के मुख्य किरदार ल्यूक स्काईवॉकर का जो घर पर्दे पर दिखाया गया था, वह असल में मातमाता का ही एक अंडरग्राउंड होटल है, जिसका नाम सिदी द्रिस है. आज भी इस गांव में बहुत से लोग जमीन के नीचे बने इन पारंपरिक घरों में रह रहे हैं. बाहर चाहे कितनी भी भीषण गर्मी या झुलसाने वाली धूप हो, इन गड्ढे वाले मकानों के अंदर का तापमान हमेशा एकदम ठंडा और सुहावना बना रहता है, जो कुदरत और इंसान की समझदारी का एक बेजोड़ नमूना है.



