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संकरी सीढ़ियां, एक ही रास्ता और ऊपर कोचिंग… लखनऊ के जिस अलीगंज में हादसा, वहां दर्जनों ‘मौत की बिल्डिंग’ खड़ी

Lucknow Fire Incident: लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच और कार्रवाई जारी है. मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी लगातार तथ्यों को जुटा रही है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है. हालांकि इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या शहर में केवल यही एक इमारत खतरे की जद में थी? जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. अलीगंज क्षेत्र में दर्जनों ऐसी बहुमंजिला इमारतें मौजूद हैं, जहां बड़े पैमाने पर व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर खामियां दिखाई देती हैं.

संकरी सीढ़ियां, एक ही रास्ता और ऊपर कोचिंग… लखनऊ के जिस अलीगंज में हादसा, वहां दर्जनों ‘मौत की बिल्डिंग’ खड़ी

जांच में सामने आया कि जिस तरह की इमारत में अग्निकांड हुआ, उसी तर्ज पर बनी कई अन्य बिल्डिंग्स आज भी लोगों की जान के लिए खतरा बनी हुई हैं. इन इमारतों के ग्राउंड फ्लोर पर शोरूम, पहले तल पर स्टूडियो और ऊपरी मंजिलों पर कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं. कई जगहों पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले संस्थान भी चल रहे हैं, जहां रोजाना सैकड़ों छात्र पढने के लिए पहुंचते हैं.

कई बिल्डिंग्स में पाई गई खामियां

पड़ताल के दौरान ऐसी एक इमारत के भीतर जाकर देखा गया तो फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं पाए गए. इमारतों में संकरी सीढ़ियां, सीमित निकास मार्ग और अग्निशमन उपकरणों की कमी जैसी खामियां पाई गईं. कई भवनों के सामने ग्लास और फाइबर पैनल लगे हुए हैं, जो आग लगने की स्थिति में खतरे को और भी बढ़ा सकते हैं.

बिना मानक के कई कोचिंग सेंटर संचालित

अलीगंज के सेक्टर बी में तो एकदूसरे से सटी हुई कई ऐसी इमारतें पाई गई हैं, जहां सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर व्यावसायिक गतिवधियां चलाई जा रही हैं. सुरक्षा मानकों को दरकिनार करने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. इन भवनों में कोचिंग सेंटर, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं. ऐसी इमारतें किसी भी आपदा की स्थिति में यहां मौजूद लोगों को सुरक्षित नहीं है. लोगों का निकालना बेहद मुश्किल साबित हो सकता है.

अग्निकांड के बाद जांच जारी

अलीगंज अग्निकांड के बाद प्रशासन अब गहन जांच में जुट गया है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों की समीक्षा की गई होती तो शायद ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था. फिलहाल यह मामला केवल एक हादसे तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर में मौजूद उन सभी इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आतेजाते हैं. ऐसे में लोग प्रशासन से गहन सर्वे कर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके.

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