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NEET UG RE-EXAM 2026 : रास्ते में हादसा, परीक्षा केंद्र पर नहीं मिली एंट्री, हैदराबाद में छात्रा ने की आत्महत्या

NEET UG REEXAM 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 का रीएग्जाम आज आयोजित किया जा रहा है। नीट यूजी 2026 पुनर्परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश आज सुबह 11:30 बजे से शुरू हो गया है। जिसमें सभी स्टूडेंट को अनिवार्य रूप से दोपहर 1:30 बजे तक परीक्षा केंद्र के अंदर पहुंचना होगा। इसके बाद ठीक 1:30 बजे परीक्षा केंद्रों के दरवाजे बंद हो जाएंगे। पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बाद दोबारा हो रही इस परीक्षा में देशविदेश के कुल 22.79 लाख से अधिक स्टूडेंट शामिल होंगे। परीक्षा देश के 564 शहरों और विदेशों में निर्धारित केंद्रों पर एक साथ आयोजित की जा रही है।

NEET UG RE-EXAM 2026 :  रास्ते में हादसा, परीक्षा केंद्र पर नहीं मिली एंट्री, हैदराबाद में छात्रा ने की आत्महत्या

इस बार परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। पहली बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई के लिए भारतीय वायुसेना की मदद ली गई है। एयरफोर्स के विमानों और हेलिकॉप्टरों ने 200 से अधिक उड़ानें भरकर प्रश्नपत्रों को देशभर के स्ट्रॉन्ग रूम और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया।

रास्ते में हादसा, परीक्षा केंद्र पर नहीं मिली एंट्री

भोपाल में NEETUG रीएग्जाम के दौरान देर से पहुंचने पर दो छात्रों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। इनमें से एक छात्र के परिजन ने बताया कि परीक्षा केंद्र जाते समय उनका सड़क हादसा हो गया था, जिसकी वजह से वे निर्धारित समय पर नहीं पहुंच सके। छात्र के चाचा आमिर कादरी ने कहा, “मैं अपने भतीजे को परीक्षा दिलाने के लिए केंद्र लेकर जा रहा था। रास्ते में हमारा एक्सीडेंट हो गया, जिसके बाद उसे प्राथमिक उपचार दिलाना पड़ा। इसी कारण हमें थोड़ी देर हो गई। उन्होंने बताया कि जब वे परीक्षा केंद्र पहुंचे, तब अधिकारियों ने प्रवेश देने से मना कर दिया। अधिकारियों का कहना था कि परीक्षा शुरू हो चुकी है और निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी अभ्यर्थी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। 

सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए देशभर में 2 लाख से अधिक सुरक्षा कर्मियों और परीक्षा कर्मचारियों की तैनाती की है। वहीं पूरे आयोजन में तीन लाख से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रश्नपत्रों को NTA के 18 क्षेत्रीय केंद्रों तक भारतीय वायुसेना और डाक विभाग की मदद से पहुंचाया गया। परीक्षा केंद्रों पर स्थानीय पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की भी तैनाती की गई है। जिलों के डीएम और एसपी को विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, जबकि किसी भी तरह की अफवाह या साइबर गतिविधियों पर नजर रखने के लिए साइबर कमांडो भी सक्रिय रहेंगे।

12 भाषाओं में होगी परीक्षा

NEET UG रीएग्जाम अंग्रेजी और हिंदी समेत 12 भारतीय भाषाओं में आयोजित किया जाएगा। परीक्षा के लिए देशभर में 95 हजार से अधिक परीक्षा कक्ष तैयार किए गए हैं। प्रत्येक कक्ष में कम से कम एक CCTV कैमरा लगाया गया है। कुल 1.38 लाख से ज्यादा CCTV कैमरों की निगरानी राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर की जाएगी।

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परीक्षा से पहले हुई मॉक ड्रिल

NTA ने परीक्षा से पहले व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल कर तैयारियों का परीक्षण किया। एजेंसी का दावा है कि सभी केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी और संचालन संबंधी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त हैं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।

परीक्षा का समय और रिपोर्टिंग

इस बार परीक्षा की अवधि 15 मिनट बढ़ाई गई है। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। 1:30 बजे के बाद केंद्र के गेट बंद कर दिए जाएंगे और किसी भी परिस्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

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छात्रों को क्या साथ लाना होगा?

NTA ने सभी स्टूडेंट के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य किया है। इनमें शामिल हैं:

  • NTA की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया गया एडमिट कार्ड
  • आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी जैसे फोटोयुक्त पहचान पत्र
  • दो पासपोर्ट साइज फोटो

गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर पीने के पानी, बिजली, पंखों और अभिभावकों के बैठने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। देशभर के लाखों छात्र और उनके परिवार इस परीक्षा को लेकर उत्साहित और चिंतित दोनों हैं। ऐसे में आज का दिन मेडिकल करियर का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए बेहद अहम साबित होने वाला है।

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