राम मंदिर दान चोरी मामले में पहला बड़ा एक्शन हुआ है. राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर अयोध्या थाने में टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा व अन्य के खिलाफ बीएनएस की धारा 306, 316 और 317 , 61 और 3 में एफआईआर दर्ज हुई है. 8 लोगों के खिलाफ दर्ज इस एफआईआर में चंपत राय या अनिल मिश्रा जैसा कोई बड़ा नाम नहीं है. इसमें 6 कैशियर हैं. ये एक्शन एसआईटी की जांच रिपोर्ट के बाद हुआ है. सूत्रों के अनुसार, CCTV में चोरी करते दिखे और उनकी मदद करने वालों के खिलाफ एफआईआर हुई है.

किस धारा में कितनी सजा?
- 316 : आपराधिक न्यासभंग का गंभीर मामला. आमतौर पर बैंक, एजेंट, कर्मचारी, व्यापारी या किसी भरोसे के तहत दी गई संपत्ति/धन का गबन या दुरुपयोग. आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक की जेल और जुर्माना.
- 317 : चोरी की संपत्ति आदतन खरीदना, रखना या उसका कारोबार करना, जबकि पता हो कि वह चोरी की है. आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक की जेल और जुर्माना.
- 317 : चोरी की संपत्ति को छिपाने, बेचने, ठिकाने लगाने या नष्ट करने में मदद करना. जबकि पता हो कि वह चोरी की है. 3 वर्ष तक की जेल या जुर्माना या दोनों.
- 61: आपराधिक साजिश . दो या अधिक लोगों का किसी अवैध काम या अपराध को मिलकर करने का समझौता.
- 3 : समान उद्देश्य से कई लोगों द्वारा मिलकर अपराध करना. यदि अपराध समूह में किया गया है तो सभी की जिम्मेदारी तय की जा सकती है.
उधर, विश्व हिंदू परिषद इस मुद्दे पर आक्रामक और आक्रोशित है. अयोध्या में आज VHP की बड़ी बैठक हुई. विश्व हिंदू परिषद के 5 बड़े सदस्य बैठक में मौजूद रहे.सूत्रों के अनुसार, बैठक में बड़े फैसलों पर मंथन हुआ. आगे की रणनीति पर चर्चा हुई. TV9 पर VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि चोरी करने वालों को जेल भेजना चाहिए.
VHP की चार बड़ी मांग.
- पहली मांग यही है कि कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए तुरंत FIR दर्ज की जाए, जो कि हो गई है.
- दूसरी मांग है कि मंदिर से जुड़े सभी मामलों की तेजी से जांच हो, सच सामने आए.
- तीसरी मांग ये है कि चढ़ावा चोरी से जुड़े मामलों का फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चले.
- चौथी मांग है कि दोषियों को कड़ी सजा मिले.


