
अंजीर की खेती और कारोबार की बात हो, तो तुर्किये का नाम सबसे आगे आता है। सर्दियों में सूखे अंजीर की मांग बढ़ने के साथ यह ड्राई फ्रूट लोगों की पसंद बन जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा अंजीर किस देश में पैदा होता है, इसे किन देशों में भेजा जाता है और भारत में बिकने वाले अंजीर का इससे क्या संबंध है?
अंजीर उत्पादन में कौन-सा देश है सबसे आगे?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, तुर्किये दुनिया में अंजीर का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। तुर्किये के कृषि एवं वन मंत्रालय की अनुसंधान इकाई TEPGE की जुलाई 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, अंजीर उत्पादन में तुर्किये पहले, मिस्र दूसरे और मोरक्को तीसरे स्थान पर हैं।
रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, तुर्किये में करीब 3.56 लाख टन अंजीर का उत्पादन हुआ, जबकि मिस्र में लगभग 1.93 लाख टन और मोरक्को में करीब 1.19 लाख टन अंजीर पैदा हुआ।
सूखे अंजीर के उत्पादन में भी तुर्किये की बड़ी हिस्सेदारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में उत्पादित करीब 1.33 लाख टन सूखे अंजीर में तुर्किये का हिस्सा लगभग 49 प्रतिशत है। वहीं, ईरान भी सूखे अंजीर के प्रमुख उत्पादक देशों में शामिल है।
आखिर तुर्किये में इतनी ज्यादा अंजीर क्यों पैदा होती है?
तुर्किये में अंजीर की अच्छी पैदावार के पीछे वहां की जलवायु, खेती की परंपरा और खास किस्मों की अहम भूमिका है।
1. अनुकूल जलवायु और उपजाऊ क्षेत्र
तुर्किये में बड़ी मेंडेरेस और छोटी मेंडेरेस घाटियों के आसपास अंजीर की खेती बड़े पैमाने पर होती है। खास तौर पर आयदिन और इजमिर प्रांत अंजीर उत्पादन के प्रमुख केंद्र हैं। रिपोर्ट के अनुसार, देश के कुल अंजीर उत्पादन में आयदिन की हिस्सेदारी करीब 55.9 प्रतिशत और इजमिर की लगभग 22 प्रतिशत है।
इन क्षेत्रों की जलवायु सूखे अंजीर के उत्पादन के लिए अनुकूल मानी जाती है। यहां पैदा होने वाली अंजीर की बड़ी मात्रा सुखाकर बाजार में बेची जाती है।
2. अंजीर की खास किस्म
तुर्किये में सूखे अंजीर के उत्पादन के लिए ‘सरीलोप’ किस्म काफी महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट के मुताबिक, सूखे अंजीर के उत्पादन में इस किस्म की हिस्सेदारी करीब 90 प्रतिशत है। इसकी गुणवत्ता और बाजार में मांग के कारण तुर्किये को अंतरराष्ट्रीय कारोबार में भी बढ़त मिलती है।
3. खेती में शोध और तकनीक
अंजीर की कुछ किस्मों में फल बनने के लिए परागण की विशेष प्रक्रिया जरूरी होती है, जिसे कैप्रीफिकेशन कहा जाता है। इसमें अंजीर की एक विशेष ततैया परागण में भूमिका निभाती है। तुर्किये में अंजीर की किस्मों पर शोध भी किया जाता है। आयदिन स्थित एरबेयली फिग रिसर्च इंस्टीट्यूट में अंजीर की सैकड़ों किस्मों और आनुवंशिक प्रकारों का संग्रह रखा गया है।
100 से ज्यादा देशों तक पहुंचती है तुर्किये की अंजीर
अंजीर उत्पादन के साथ-साथ तुर्किये सूखे अंजीर के निर्यात में भी प्रमुख स्थान रखता है। एजियन एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में तुर्किये ने 100 से अधिक देशों को किशमिश, सूखी खुबानी और सूखे अंजीर जैसे उत्पादों का निर्यात किया।
इनमें सूखे अंजीर का कारोबार खास महत्व रखता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में तुर्किये ने करीब 63 हजार टन सूखे अंजीर का निर्यात किया, जिससे लगभग 33.7 करोड़ डॉलर की कमाई हुई।
अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, चीन, कनाडा और यूरोपीय संघ के बाजार तुर्किये के सूखे अंजीर के प्रमुख खरीदारों में शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग के कारण यह देश के कृषि निर्यात का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
भारत में बिकने वाले अंजीर का क्या है कनेक्शन?
भारत में भी सूखे अंजीर की मांग रहती है। इसे लोग सीधे खाने के अलावा मिठाइयों और कई तरह के खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल करते हैं। TEPGE की रिपोर्ट में इंटरनेशनल न्यूट्रिशन काउंसिल के आंकड़ों के हवाले से भारत को सूखे अंजीर के प्रमुख आयातक देशों में शामिल किया गया है।
इसका मतलब है कि भारत में बिकने वाला अंजीर वैश्विक व्यापार से जुड़ा हुआ है। हालांकि, बाजार में उपलब्ध हर अंजीर तुर्किये से ही आता हो, यह जरूरी नहीं है। खरीदते समय पैकेट पर लिखे मूल देश और आयात संबंधी जानकारी को देखना उपयोगी रहता है।
अंजीर खाने से शरीर को क्या फायदे मिलते हैं?
अंजीर में फाइबर और कई जरूरी खनिज पाए जाते हैं। अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) के पोषण संबंधी आंकड़ों के अनुसार, 100 ग्राम सूखे अंजीर में करीब 9.8 ग्राम फाइबर होता है। फाइबर पाचन को सामान्य बनाए रखने और पेट को देर तक भरा महसूस कराने में मदद कर सकता है।
सूखे अंजीर में पोटैशियम भी होता है, जो शरीर में तरल पदार्थों के संतुलन और सामान्य मांसपेशियों के कामकाज के लिए जरूरी है। इसमें कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज भी पाए जाते हैं, जो हड्डियों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य में भूमिका निभाते हैं।
हालांकि, ताजे और सूखे अंजीर की कैलोरी में अंतर होता है। 100 ग्राम ताजे अंजीर में लगभग 73 कैलोरी, जबकि सूखे अंजीर में करीब 249 कैलोरी हो सकती हैं। सूखे अंजीर में प्राकृतिक शुगर भी अधिक मात्रा में केंद्रित होती है।
इसलिए इसे पौष्टिक भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है, लेकिन मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। खासकर डायबिटीज वाले लोगों को सूखे अंजीर खाते समय कुल कार्बोहाइड्रेट और शुगर की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए। पैकेट वाला अंजीर खरीदते समय यह भी जांच लें कि उसमें अतिरिक्त चीनी तो नहीं मिलाई गई है।
Satya Report नोट: उत्पादन और निर्यात से जुड़े आंकड़े संबंधित रिपोर्टों के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। अलग-अलग वर्षों और स्रोतों के अनुसार आंकड़ों में अंतर हो सकता है।


