Uttar Pradesh Agra Honey Trap Case: उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई के बीच बागपत से सामने आए एक नए मामले ने सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस महकमे का ध्यान अपनी ओर खींचा है। आरोप है कि बागपत में तैनात सिपाही श्रीकांत गौतम, जिन्हें अपने अधिकारियों के निर्देश पर दिल्ली के कथित हाशिम बाबा गैंग से जुड़ी सूचनाएं जुटाने की जिम्मेदारी दी गई थी, उसी दौरान कथित तौर पर हनी ट्रैप का शिकार हो गए।

मानसिक रूप से किया गया प्रताड़ित
सिपाही का आरोप है कि गैंग को उनकी गतिविधियों की भनक लगने के बाद उन्हें योजनाबद्ध तरीके से फंसाया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
श्रीकांत गौतम ने नव भारत से विशेष बातचीत में बताया कि उन्हें आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार से न्याय की उम्मीद है। उनका कहना है कि आगरा पुलिस पहले भी धर्मांतरण से जुड़े मामलों का खुलासा कर चुकी है, इसलिए उन्हें विश्वास है कि उनकी शिकायत पर भी निष्पक्ष कार्रवाई होगी।
पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए आगे आए हिंदू फ्रंट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
इस मामले में हिंदू फ्रंट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमित चौधरी भी खुलकर सिपाही के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित को न्याय नहीं मिला तो संगठन आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा। उनका आरोप है कि प्रदेश में धर्मांतरण गिरोह का नेटवर्क व्यापक स्तर पर सक्रिय है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
जबरन कराया धर्म परिवर्तन फिर मिली जान से मारने की धमकी
इधर, बागपत के बड़ौत कोतवाली में , धमकी और अन्य गंभीर आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि लालच, दबाव और धमकी देकर धर्म परिवर्तन कराया गया तथा बाद में ₹14 लाख वापस मांगने पर जान से मारने और धर्म परिवर्तन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन, एससी/एसटी एक्ट और आईटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि इससे पहले आगरा में भी कथित के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। इसी को देखते हुए हिंदू फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने आगरा पुलिस कमिश्नर से बागपत प्रकरण को भी गंभीरता से संज्ञान में लेकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।



