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नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी और PM मोदी के लिए नई चुनौती, ग्रेस मार्क्स के लिए CBSE छात्रों का डिजिटल प्रोटेस्ट!

CBSE 12th Students Digital Protest: NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों को डिजिटल प्रोटेस्ट के बाद सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदशर्न करते हुए देखा गया. एक महीने से ज्यादा दिनों तक जंतरमंतर पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा जो बवाल के साथ बाद में देखने को मिला. हालांकि, वहां से अब छात्रों को उनके घर भेज दिया गया है. शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेने के बाद छात्र भी अपनेअपने स्थान वापस पहुंच चुके हैं, छात्रों के बीच का विरोध प्रदर्शन थमा नहीं है. अब स्कूल के छात्रों की ओर से सीबीएसई की गड़बड़ी को लेकर आवाज उठाई जा रही है.

नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी और PM मोदी के लिए नई चुनौती, ग्रेस मार्क्स के लिए CBSE छात्रों का डिजिटल प्रोटेस्ट!

28 जुलाई 2026 को सीबीएसई कक्षा 12वीं का कम्पार्टमेंट एग्जाम आयोजित किया गया जिसके बाद छात्रों के बीच नाराजगी देखी गई. पहले ही डिजिटल चेकिंग यानी ओएसएम की मार से छात्र परेशान हैं कि कम्पार्टमेंट एग्जाम में फिजिक्स का पेपर इतना ज्यादा कठिन बताया गया है कि स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल होने के बाद रो रहे हैं.

बढ़ सकती हैं PM मोदी और शिक्षा मंत्री प्रल्हाद की मुश्किलें
नीट पेपर लीक प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था और छात्रों का भरोसा बनाए रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सामने आना पड़ा. साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री के पद को संभालने की जिम्मेदारी प्रल्हाद जोशी को दी. मगर इसके साथ पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. सीबीएसई के छात्र अब प्रदर्शन करने का विचार बना रहे हैं.

सीबीएसई छात्रों का डिजिटल विरोध प्रदर्शन
सोशल मीडिया X प्लेटफॉर्म पर सीबीएसई 12वीं के छात्रों की ओर से नाराजगी जताई जा रही है. वो लगातार पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी से गुहार करने के साथ ग्रेस मार्क्स की मांग करते दिखे हैं. हालांकि, कम्पार्टमेंट परीक्षा में आए कठिन पेपर के बाद बच्चों की नाराजगी बढ़ चुकी है. वो लगातार सीबीएसई बोर्ड के सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रहे हैं.

सीबीएसई छात्र कर रहे हैं न्याय की गुहार
सीबीएसई की ओर से आयोजित की गई कम्पार्टमेंट परीक्षा में जिस तरह से छात्रों के लिए एग्जाम मुख्य परीक्षा की तुलना में ज्यादा कठिन रहा है. ऐसे में छात्र काफी दुखी हुए हैं. उनका दावा है कि फिजिक्स का पेपर फरवरी में हुई परीक्षा की तुलना में ज्यादा हार्ड था. एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा जा रहा है कि ‘फरवरी की परीक्षाओं के आधार पर सभी छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए जाने चाहिए.’स ने शेयर किया क्रिप्टिक पोस्ट

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