
लखनऊ: कैफे संचालक शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ कई अहम पहलुओं की पड़ताल कर रही है। मुख्य आरोपित श्रद्धा दुबे को फरार होने के दौरान मदद मिलने के मामले में आमिर समेत तीन लोगों को चिह्नित किया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किसने उसे ठहरने के लिए होटल में कमरा दिलाया और नेपाल पहुंचने में किस तरह मदद की। वहीं, घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयानों में अंतर सामने आने के बाद पुलिस फोरेंसिक टीम की मदद से घटनाक्रम को दोहराने की तैयारी कर रही है।
शिवा की मौत के मामले में तीन लोगों की भूमिका जांच के घेरे में
जानकारी के मुताबिक, नौ अक्टूबर को प्रयागनारायण रोड स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद 27 वर्षीय शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। उनकी मां रंजना ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे, चालक दानिश समेत अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने श्रद्धा, रश्मि और दानिश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब जांच के दौरान उन लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है, जिन्होंने कथित तौर पर श्रद्धा को फरार होने में मदद की थी। पुलिस ने आमिर समेत तीन लोगों को चिह्नित किया है। हालांकि, उनकी भूमिका और संभावित कानूनी कार्रवाई को लेकर जांच जारी है।
फ्लैट में कौन कहां मौजूद था, बयानों में अंतर
जांच में घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयानों को लेकर विरोधाभास सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, घटना के समय फ्लैट में शिवा शर्मा, श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और एक घरेलू सहायिका मौजूद थीं।
श्रद्धा और रश्मि ने अपने बयानों में बताया कि वे अलग कमरे में थीं और शिवा दूसरे कमरे में था। वहीं, घरेलू सहायिका के बयान के मुताबिक, श्रद्धा और रश्मि भी उसी कमरे में मौजूद थीं, जहां शिवा था।
बयानों में इस अंतर के बाद पुलिस घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच अधिकारी इन बयानों का मिलान आसपास के लोगों की जानकारी और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज से भी करेंगे।
फोरेंसिक टीम की मदद से दोहराया जाएगा घटनाक्रम
पुलिस अब घटनास्थल का सीन रिक्रिएशन कराने की तैयारी कर रही है। डीसीपी मध्य अर्पित विजयवर्गीय के अनुसार, इसके लिए फोरेंसिक विभाग को पत्र भेजा गया है। टीम से समय मिलने पर इसी सप्ताह घटनाक्रम को दोहराया जा सकता है।
इस प्रक्रिया के जरिए यह समझने की कोशिश होगी कि घटना के समय संबंधित लोग कहां मौजूद थे और शिवा की मौत किन परिस्थितियों में हुई। हालांकि, सीन रिक्रिएशन के बाद सामने आने वाले तथ्यों को अन्य साक्ष्यों और जांच के नतीजों के साथ मिलाकर ही निष्कर्ष निकाला जाएगा।
होटल से नेपाल तक मदद मिलने के पहलू की पड़ताल
पुलिस उन परिस्थितियों की भी जांच कर रही है, जिनमें श्रद्धा कथित तौर पर फरार हुई। जांच के मुताबिक, चिह्नित लोगों में ऐसे व्यक्ति शामिल हैं जिन पर उसे होटल में ठहरने की व्यवस्था कराने और नेपाल पहुंचने में मदद करने का संदेह है।
पुलिस का कहना है कि इन लोगों की भूमिका की पुष्टि होने के बाद उनके नाम मुकदमे में शामिल करने पर निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल जांच का मुख्य फोकस बयानों के विरोधाभास, घटनास्थल के हालात और फरारी के दौरान कथित मदद की कड़ियों को स्पष्ट करना है।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। मामले में आरोपितों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।



