Ram Temple SIT Reconstitution: उत्तर प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप राम मंदिर के दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए नई एसआईटी का गठन किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने तीन सदस्यीय नई एसआईटी बनाई है, जिसका नेतृत्व आईजी किरण एस को सौंपा गया है। एसआईटी के अन्य सदस्यों में अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर भी शामिल हैं।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार को एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की अगुवाई में नई एसआईटी बनाने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि जांच की स्टेटस रिपोर्ट 27 जुलाई को सौंपी जाए।
ट्रस्ट ने लिए कई अहम फैसले
ट्रस्ट ने परिसर में हुई एक खास बैठक में पूर्णकालिक महासचिव की नियुक्ति को अंतिम रूप दिया और अपनी धार्मिक समिति का फिर से गठन करने का फैसला किया, ताकि मंदिर परिसर में होने वाली पूजाअर्चना और रीतिरिवाजों में पारंपरिक प्रमाणिकता और पवित्रता बनी रहे।
22 जुलाई को ने मंदिर समिति की एक खास बैठक में अपने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी को चुनने का फैसला लगभग एक महीने के लिए टाल दिया, लेकिन मंदिर के कम्युनिकेशन को बेहतर ढंग से संभालने के लिए एक प्रवक्ता नियुक्त किया।
धार्मिक समिति में नौ सदस्यों की नियुक्ति
नई धार्मिक समिति में नौ सदस्य रखे गए हैं, जिसमें जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीपति श्री वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज, माधवापीठाधीपति स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ जी महाराज, स्वामी युगपुरुष परमानंद जी, स्वामी दिनेन्द्रदास जी , स्वामी कमल नयनदास जी , महंत राजकुमार दास जी , स्वामी रामानंद दास जी और स्वामी मिथिलेश नंदिनी शरण जी शामिल हैं।
इसके अलावा, मंदिर ट्रस्ट ने गुरुवार को राम मंदिर की नई तस्वीरें जारी कीं। इन तस्वीरों में दिखाया गया है कि गबन के विवाद के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु रोजाना मंदिर आकर पूजाअर्चना कर रहे हैं और रामलला का आशीर्वाद ले रहे हैं।
आठ आरोपी हैं गिरफ्तार
बता दें कि ने राम मंदिर के चढ़ावे में गबन को लेकर अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच टीम ने नकदी, गाड़ियां, निवेश से जुड़े दस्तावेज और अन्य संपत्तियां बरामद की हैं, जिन्हें कथित तौर पर गबन किए गए फंड से खरीदा गया था।
एजेंसी इनपुट के साथ…



